भावना ठाकुर,
06 मई/सोलन।
आज के दौर में जहां कीमती सामान खो जाने पर मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं सोलन के ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों और यातायात पुलिस ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। करीब एक सप्ताह पहले ऑटो में छूटे एक महिला के कीमती iPhone 15 को आज सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
घटनाक्रम: ईमानदारी का सफर
मिली जानकारी के अनुसार, करीब 7-8 दिन पहले ऑटो रिक्शा यूनियन के महासचिव राजेन्द्र कुमार को उनके ऑटो में एक मोबाइल मिला था। राजेन्द्र कुमार ने बिना किसी लालच के तुरंत वह मोबाइल यूनियन कार्यालय में प्रधान धर्मपाल ठाकुर को सौंप दिया।
मोबाइल की महत्ता और सुरक्षा फीचर्स (iPhone 15) को देखते हुए यूनियन प्रधान ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस थाना प्रभारी सोलन को दी। साथ ही, असली मालिक की तलाश के लिए प्रयास तेज कर दिए गए।
पुलिस और यूनियन का साझा प्रयास
इस खोजबीन में यातायात पुलिस में तैनात कॉन्स्टेबल पंकज ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूनियन प्रधान ने उन्हें मामले से अवगत करवाया, जिसके बाद पंकज ठाकुर ने मोबाइल के तकनीकी पहलुओं और संपर्कों की मदद से मालिक के परिजनों का पता लगाने में दिन-रात एक कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया तक जुड़ा संपर्क
जांच में पता चला कि मोबाइल जिस महिला का था, वह ऑस्ट्रेलिया निवासी हैं और भारत प्रवास के बाद वापस ऑस्ट्रेलिया लौट चुकी थीं। गुरुवार सुबह कॉन्स्टेबल पंकज ने महिला के परिजनों को ढूंढ निकाला। आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए, ऑस्ट्रेलिया में मौजूद महिला से वीडियो कॉल के माध्यम से बात करवाई गई और उनकी पुष्टि के बाद मोबाइल उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
जनता का बढ़ा विश्वास
यूनियन के पदाधिकारियों ने कॉन्स्टेबल पंकज ठाकुर और सोलन पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
”यह घटना केवल एक मोबाइल लौटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि सोलन की जनता और हमारी पुलिस कितनी जागरूक और ईमानदार है। ऑटो यूनियन के सदस्यों की इस ईमानदारी ने पूरे शहर का मान बढ़ाया है।”









