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हरित ऊर्जा क्षेत्र में पथ प्रदर्शक बन रहा हिमाचल – ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

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भूपेंद्र ठाकुर,

26 अप्रैल/शिमला।

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हिमाचल प्रदेश में जलविद्युत और सौर ऊर्जा क्षेत्र में विद्युत उत्पादन की अपार क्षमता है जिसके उचित दोहन से हम राज्य की ऊर्जा खपत का अधिकतर हिस्सा पूरा करने सहित इससे दूसरे राज्यों को भी लाभ पहुंचा सकते हैं। हिमाचल ऊर्जा आत्मनिर्भरता का पथ प्रदर्शक बनने सहित पर्यावरण संरक्षण और संवृद्धि की दिशा में भी अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता हैं।
हिमाचल की प्रति वर्ष ऊर्जा खपत लगभग 13 हज़ार मिलियन यूनिट है और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का लक्ष्य है कि इसका 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा निकट भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा किया जाए। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार जलविद्युत क्षेत्र में छोटी परियोजनाओं को विकसित करने, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और गैर परम्परागत ऊर्जा आधारित निवेश को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश सरकार ने पांच मेगावाट क्षमता तक की छोटी जल विद्युत परियोजनाओं के विकास को हाल ही के वर्षों में गति प्रदान की है। गत तीन वर्षों में 17.25 मेगावाट क्षमता की 7 छोटी पनबिजली परियोजनाएं आरम्भ की गई हैं। 23.80 मेगावाट क्षमता की 12 छोटी जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण किया गया है तथा 47.90 मेगावाट क्षमता की 18 छोटी जलविद्युत परियोजनाएं स्वीकृति के लिए ऊर्जा निदेशालय भेजी गई हैं।
इसके अतिरिक्त, 12.65 मेगावाट क्षमता की 5 छोटी पनबिजली परियोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। ऊर्जा विभाग द्वारा 25.7 मेगावाट क्षमता की 7 छोटी पनबिजली परियोजनाओं की क्षमता वृद्धि सहित अन्य स्वीकृति के लिए अनुपूरक कार्यान्वयन समझौतें हस्ताक्षरित किए गए हैं। विभाग द्वारा 75 मेगावाट क्षमता की छोटी परियोजनाओं के आवंटन के लिए 76 नए आवेदन प्रसंस्कृत किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसे पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में भी गत तीन वर्षों में प्रभावी नीतियों के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 501 मेगावाट की क्षमता वाले 5 सौर ऊर्जा पार्क और 212 मेगावाट की क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। कांगड़ा ज़िला के डमटाल क्षेत्र में बंजर भूमि पर 200 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।
प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य आरम्भ कर इन्हें रिकॉर्ड अवधि में पूरा किया गया है। पेखूबेला, भंजाल और अघलौर सौर ऊर्जा परियोजनाएं इसकी द्योतक हैं।
हिम ऊर्जा द्वारा 728.4 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड को आवंटित की जा चुकी हैं, जिसमें से 150.13 मेगावाट क्षमता की 120 माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाएं आरम्भ की जा चुकी हैं।

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