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महिला आरक्षण बिल गिराकर INDI गठबंधन ने किया नारी शक्ति का अपमान—डेजी ठाकुर

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-जन आक्रोश से घबराई कांग्रेस—2027 में महिला शक्ति देगी करारा जवाब

भावना ठाकुर,

26 अप्रैल/सोलन।

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भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा पारित किया गया था और यह देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने कहा कि उस समय सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया था, लेकिन हाल ही में अप्रैल 2026 में आयोजित विशेष संसद सत्र (16, 17 और 18 अप्रैल) में जब इस विधेयक में संशोधन कर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, तब विपक्षी INDI गठबंधन ने इसका विरोध कर इसे गिराने का काम किया।
डेजी ठाकुर ने बताया कि 17 अप्रैल को हुए मतदान में कुल 528 सदस्य उपस्थित थे, जिनमें से 298 ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों की खुली अनदेखी है।
“जिस दिन को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक बनना था, उसी दिन विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों पर चोट करने का काम किया,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सभी दल हमेशा से महिला विरोधी रहे हैं और परिवारवाद की राजनीति करते हैं, जहां केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही आगे बढ़ाया जाता है।
उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष द्वारा खुशी मनाना और इसे “लोकतंत्र की जीत” बताना महिलाओं के प्रति उनकी असंवेदनशील मानसिकता को दर्शाता है।
डेजी ठाकुर ने कहा कि शिमला में आयोजित “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” में हजारों महिलाओं की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की नारी शक्ति कांग्रेस के इस रवैये से आक्रोशित है।
“इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखकर कांग्रेस घबरा गई है और उसी बौखलाहट में उनके नेता बेबुनियाद बयान दे रहे हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि जो पार्टी खुद महिलाओं के अधिकारों के साथ खड़ी नहीं है, वह भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप कैसे लगा सकती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसा संगठन है जहां 33 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को संगठनात्मक स्तर पर प्रतिनिधित्व दिया गया है—बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 12 वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं और अब महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे विपक्ष ने बाधित किया।
अंत में डेजी ठाकुर ने कहा कि महिला शक्ति अब जाग चुकी है और आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को इसका करारा जवाब मिलेगा।
“जब महिला शक्ति निर्णय ले लेती है, तो परिणाम उसी दिशा में जाता है—अब कांग्रेस अपना बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी कर ले,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में भी कांग्रेस को महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा और जनता उन्हें उनके कार्यों का जवाब देगी।

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