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सोलन पुलिस का बड़ा एक्शन: वाहन पंजीकरण में साइबर और दस्तावेजी धोखाधड़ी का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार

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भावना ठाकुर/सोलन।

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जिला पुलिस सोलन ने वाहन पंजीकरण से जुड़ी एक संगठित साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में आरटीओ कार्यालय के ही एक क्लर्क समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने VAHAN पोर्टल में अनाधिकृत छेड़छाड़ कर फर्जी यूजर आईडी बनाकर लाखों रुपये का अवैध लेन-देन किया।

आरटीओ अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज

जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (R&LA), सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने पुलिस अधीक्षक सोलन के माध्यम से शिकायत दी। उन्होंने बताया कि कार्यालय के अभिलेखों के सत्यापन में तीन वाणिज्यिक वाहनों (HP-14D-4512, HP-14D-4582, HP-14D-4586) के पंजीकरण, लोडेड वेट में संशोधन और स्वामित्व हस्तांतरण में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।

जांच में पता चला कि VAHAN पोर्टल के साथ अनधिकृत छेड़छाड़ की गई है। पंजीकरण क्लर्क जितेंद्र ठाकुर ने कई यूजर आईडी और मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग किया। साथ ही, लेन-देन सरकारी नेटवर्क के बाहर के IP एड्रेस से किए गए। भौतिक अभिलेख भी गायब मिले। इस पर थाना सदर सोलन में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) BNS के तहत FIR नंबर 22/26 दर्ज की गई।

SIT गठित, तकनीकी जांच में खुली पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन ने उप पुलिस अधीक्षक श्री अशोक चौहान के नेतृत्व में एक विशेष अन्वेषण दल (SIT) बनाया। टीम ने IP लॉग, OTP रिकॉर्ड और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का गहन विश्लेषण किया।

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

· आरटीओ कार्यालय सोलन के क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की आधिकारिक यूजर आईडी के अलावा “JITENTHA” और “DRPOONAM” नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाई गईं।
· इन फर्जी आईडी के जरिए बिना मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के अनिवार्य निरीक्षण और बिना पूर्ण दस्तावेजों के वाहनों का पंजीकरण, वेरिफिकेशन और अप्रूवल किया गया।
· इस पूरे साजिश में RLA झंडूता में कार्यरत क्लर्क गौरव भारद्वाज मुख्य साजिशकर्ता निकला। उसने RLA सोलन के एडमिन क्रेडेंशियल्स को अवैध रूप से हासिल कर VAHAN पोर्टल में अनाधिकृत प्रवेश किया।

एजेंटों का नेटवर्क और करोड़ों का लेन-देन

SIT ने यह भी पता लगाया कि गौरव भारद्वाज ने एजेंटों का एक तंत्र खड़ा किया था। इन एजेंटों के माध्यम से वाहन मालिकों से अवैध वसूली की जाती थी। एजेंटों में राजकुमार उर्फ सन्नी, विकास सिंह उर्फ शालू, जितेंद्र और अनिल शामिल हैं। बदले में ये एजेंट वाहनों का लोडेड वेट बढ़ाना, ओनर सीरियल नंबर बदलना, हाइपोथिकेशन हटाना और बिना कानूनी प्रक्रिया के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करना जैसे काम करते थे।

वित्तीय जांच में आरोपी गौरव भारद्वाज के बैंक खातों में विभिन्न एजेंटों और व्यक्तियों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।

छह आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी

सभी साक्ष्य जुटाने के बाद 3 अप्रैल 2026 को पुलिस ने एक साथ छह आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  1. जितेंद्र ठाकुर (41 वर्ष), निवासी चण्डी, कसौली, सोलन
  2. अनिल कुमार (42 वर्ष), निवासी मुकराना, झंडूता, बिलासपुर
  3. राज कुमार उर्फ सन्नी (39 वर्ष), निवासी ढठवाड़ा, ऊना
  4. जितेंद्र कुमार (34 वर्ष), निवासी तुनाई, सुन्दरनगर, मंडी
  5. नरेश कुमार (43 वर्ष), निवासी बोह, दयोथ, बिलासपुर
  6. विकास सिंह उर्फ शालू (27 वर्ष), निवासी करोह, नूरपुर, कांगड़ा

सभी आरोपियों को आज (4 अप्रैल 2026) माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में अभी अन्य संलिप्त लोगों और नेटवर्क की पहचान की जा रही है। जिला पुलिस सोलन ने सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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