भूपेंद्र ठाकुर/शिमला।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और हिमपात का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी इस मौसमी उफान ने ऊपरी इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, वहीं प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा सामान्य से 2 से 12 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वीरवार को लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और किन्नौर जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। इसके अलावा कुल्लू, लाहौल स्पीति, कांगड़ा, चंबा और शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मनाली में सबसे अधिक 53 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि तीसा में 33 और सराहन में 32.5 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं, केलांग, गोंदला और कुकुमसेरी में 10 से 13 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी। मौसम विभाग ने शुक्रवार को मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 23 मार्च को कुल्लू, सोलन और बिलासपुर में येलो अलर्ट रहेगा। शनिवार और रविवार को मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।हालांकि, शुक्रवार को भी प्रदेश में बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है ।

मौसम की मार का सबसे अधिक असर सड़कों पर देखने को मिला। मनाली से केलांग के बीच केवल फोर बाई फोर (4×4) वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि जलोड़ी दर्रा आंशिक रूप से प्रभावित रहा। ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के कारण यातायात बाधित हुआ और कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही।बारिश और बर्फबारी का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 12.6, धर्मशाला में 17, भुंतर में 15.4 और ऊना में 17.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान नाहन में 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड से बचाव और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी है।









