
हिमाचल समय, सोलन, , 26 फरवरी ।
बघाट बैंक लोन मामले में चेक बाउंस होने पर सहायक पंजीयक की अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली बोर्ड के एक कर्मचारी का वेतन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह कर्मचारी करीब 27 लाख रुपये के लोन का डिफॉल्टर है और उसके द्वारा दिया गया चेक भी बाउंस हो गया था।

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सहायक पंजीयक गिरीश नड्डा की अदालत में चेक बाउंस से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें 12 डिफॉल्टरों को तलब किया गया था। हालांकि, इनमें से मात्र एक डिफॉल्टर ही अदालत में पेश हुआ, जबकि शेष 11 डिफॉल्टरों ने पेशी में हिस्सा नहीं लिया।
90 लाख के चेक बाउंस, 4 करोड़ फंसे
अदालत में सुनवाई के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बघाट बैंक के पास करीब 90 लाख रुपये के चेक बाउंस हुए हैं। वहीं, बैंक में इन डिफॉल्टरों के चलते करीब 4 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।
चेक बाउंस के मामले में 12 डिफॉल्टरों में से चार सरकारी कर्मचारी शामिल हैं
· नालागढ़ में तैनात एक कर्मचारी पर 15 लाख रुपये का लोन
· आईजीएमसी शिमला में तैनात स्टाफ नर्स पर 5 लाख रुपये का लोन
· सचिवालय शिमला में तैनात एक कर्मचारी पर 3 लाख रुपये का लोन
· बिजली बोर्ड के कर्मचारी (जिसकी सैलरी अटैच की गई है) पर 27 लाख रुपये का लोन
कोर्ट में पेश हुआ डिफॉल्टर, मिली एक और मौक़ा
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एकमात्र डिफॉल्टर बुधवार को पेश हुआ, उस पर करीब 3 करोड़ रुपये का लोन है। पिछली सुनवाई में गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने 10 लाख रुपये का चेक अदालत में जमा करवाया था, जो बाउंस हो गया। इस बार उसने फिर से लोन चुकाने की हामी भरी है। अदालत ने उसे चेतावनी दी है कि यदि वह लोन नहीं चुकाता है तो उसका वेतन भी अटैच कर दिया जाएगा।
सहायक पंजीयक गिरीश नड्डा ने बताया कि बुधवार को जो डिफॉल्टर पेशी में नहीं पहुंचे, उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर 17 और 18 मार्च को अदालत में पेश होने के लिए कहा जाएगा। यदि उसके बाद भी वे पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए जाएंगे।







