Home हिमाचल प्रदेश अनुसंधान एवं प्रसार उत्कृष्टता के लिए केवीके किन्नौर को सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार

अनुसंधान एवं प्रसार उत्कृष्टता के लिए केवीके किन्नौर को सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार

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KVK Kinnaur Best KVK Award
केवीके किन्नौर को फार्म एंड फूड द्वारा सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार, इको-हाइव तकनीक तथा जैविक फल विपणन में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।

हिमाचल समय, सोलन, 12 जनवरी ।

डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अंतर्गत आने वाले  कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), किन्नौर को फार्म एंड फूड  द्वारा आयोजित किसान सम्मान समारोह के दौरान प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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यह पुरस्कार समारोह किसान चैंबर, मोहाली में आयोजित किया गया, जिसमें कृषि वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, प्रगतिशील किसानों तथा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केवीके किन्नौर को जिले में प्राकृतिक खेती पद्धतियों के प्रचार-प्रसार तथा बड़े स्तर पर अपनाने में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

डॉ. प्रमोद शर्मा, सह-निदेशक (अनुसंधान एवं प्रसार) एवं प्रमुख, केवीके किन्नौर ने इस उपलब्धि का श्रेय क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप किसानों से सतत जमीनी स्तर पर संवाद तथा किसान-केंद्रित प्रसार गतिविधियों को दिया।

उन्होंने फार्म एंड फूड  का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान के सतत प्रयासों को मान्यता प्रदान करना सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर केवीके किन्नौर के कीट विज्ञानी डॉ. बुधि राम को किसान-केंद्रित इको-हाइव तकनीक के माध्यम से देशी मधुमक्खियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ युवा

शोधकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं केवीके किन्नौर द्वारा नामांकित किसान आशीष नेगी को जैविक फल उत्पादों के विपणन में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार प्रदान किया गया।

यह सम्मान जैविक फल उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं सुदृढ़ विपणन संपर्क स्थापित करने में केवीके के मार्गदर्शन के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है तथा क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों के लिए एक आदर्श स्थापित करता है।

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इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए माननीय कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने केवीके किन्नौर की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के सम्मान प्रभावी अनुसंधान एवं प्रसार कार्य को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय की सतत, 

जलवायु-सहिष्णु एवं किसान-उन्मुख कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करता है। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंदर देव ने भी केवीके टीम एवं सभी विजेताओं को बधाई देते हुए जिले में कृषि-बागवानी गतिविधियों को सुदृढ़ करने में उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की।

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