
हिमाचल समय, सोलन, 08 फरवरी ।
आज एटक (AITUC) कार्यालय सोलन में आगामी 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चन्दर भारद्वाज ने की।
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बैठक की मुख्य बातें:
बैठक में केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
श्रम कानूनों के साथ खिलवाड़:
केंद्र सरकार द्वारा दशकों पुराने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर, उनके स्थान पर 4 मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं (Labour Codes) लागू करने की कड़ी निंदा की गई।
लोकतंत्र की अनदेखी:
वक्ताओं ने कहा कि इन 29 कानूनों को कोरोना काल के दौरान बिना किसी व्यापक चर्चा या संसद में उचित बहस के पारित किया गया, जो कि मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
हड़ताल की रणनीति:
बैठक में सोलन और सिरमौर जिलों की विभिन्न यूनियनों के अध्यक्षों और सचिवों ने भाग लिया और हड़ताल को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्ययोजना तैयार की।
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
इस बैठक में एटक के कार्यकारी अध्यक्ष शशि पंडित, प्रदेश सचिव अतुल भारद्वाज, और कोषाध्यक्ष अनुप पराशर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही सोलन और सिरमौर जिला की एटक से सबंधित विभिन्न यूनियनों के अध्यक्ष व सचिवों ने भी अपने विचार साझा किए।
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प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चन्दर भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि “सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए मजदूरों के हितों की बलि दे रही है। 12 फरवरी की हड़ताल केवल एक विरोध नहीं, बल्कि अपने हकों को बचाने की एक निर्णायक लड़ाई है।” एटक ने सभी श्रमिक वर्गों और आम जनता से इस देशव्यापी हड़ताल को अपना समर्थन देने और इसे ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।







