हिमाचल समय, शिमला, 04 फरवरी ।
भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने अवगत कराया है कि एसजेवीएन ने असम में 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना की वाणिज्यिक प्रचालन तिथि (सीओडी) को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।
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कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए इस परियोजना को पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी, एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के माध्यम से पूर्ण किया है, जो कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी यात्रा में एक और बड़ा मील का पत्थर है।
70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना को असम के धुबरी जिले के गांव खुदीगांव पीटी. II में 330 एकड़ की लीज़ आधारित भूमि पर 367.44 करोड़ रूपए की परियोजना लागत पर विकसित किया गया है।
इस परियोजना के प्रचालन से प्रथम वर्ष में 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन और 25 वर्षों की अवधि में कुल संचयी विद्युत उत्पादन लगभग 3,230 मिलियन यूनिट होने की संभावना है।
किफायती और स्वच्छ विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परियोजना से उत्पादित विद्युत का अधिकतम उपयोग शुल्क 3.92 रूपए प्रति यूनिट तय किया गया है। उत्पादित विद्युत की आपूर्ति असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) को की जाएगी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिनांक 4 मार्च, 2024 को आदिलाबाद, तेलंगाना से इस परियोजना की नींव रखी थी। यह परियोजना असम राज्य में प्रथम बड़े पैमाने की सौर परियोजना है और साथ ही एसजेवीएन की उत्तर पूर्व क्षेत्र में प्रथम प्रचालनरत परियोजना भी है।
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भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना की कमीशनिंग एक महत्वपूर्ण योगदान है। स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करने के अतिरिक्त, इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1,58,270 टन की कमी आने की संभावना है, जिससे जलवायु परिवर्तन के लिए भारत की
प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होगी। इस परियोजना ने अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे ग्रीन जॉब्स निर्मित करने में सहयोग मिला है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है।








