हिमाचल समय, सोलन, 18 जुलाई।
सोलन जलशक्ति विभाग पर सवाल: गाद वही, प्रदर्शन के बाद अब पानी कैसे हुआ दोगुना ? ➤ सोलन में जल संकट पर भाजपा का हमला, कहा– ये जल संकट नहीं व्यवस्था संकट है
➤ शैलेंद्र गुप्ता बोले– प्रदर्शन के बाद ही बढ़ी सप्लाई, पहले क्यों नहीं मिला पानी
➤ जलशक्ति विभाग पर लगाया आंकड़ों से गुमराह करने का आरोप, 29 जून से 14 जुलाई तक की स्थिति छिपाई गई
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सोलन शहर में लंबे समय से चल रही जल समस्या और पेयजल आपूर्ति को लेकर जलशक्ति विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है ।
भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने जल शक्ति विभाग पर आंकड़ों से जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि विभाग यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि शूलिनी मेले तक जल आपूर्ति सामान्य जबकि उन दिनों में हमेशा दिक्कत आती थी उसके लिए विभाग की सराहना भी हूं,
सच्चाई यह है कि सबसे गंभीर संकट 29 जून से 14 जुलाई के बीच आया, उसे पर चर्चा ना करते हुए उसे जानबूझकर छिपाया जा रहा है। सोलन की जनता को गुमराह किया जा रहा।
शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद विभाग की ओर से जल आपूर्ति में अचानक बड़ा सुधार देखने को मिला।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के तुरंत बाद शहर को 95 लाख लीटर पानी मिला और अगले दिन यानी सोमवार को यह मात्रा 1 करोड़ 10 लाख लीटर के करीब पहुँच गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब गाद की समस्या जस की तस बनी हुई है, तो फिर अचानक यह सुधार कैसे संभव हुआ?
भाजपा नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह जल संकट नहीं, बल्कि व्यवस्था का संकट है। विभाग द्वारा पहले पानी की भारी किल्लत दिखाना
और अब जरूरत से ज्यादा पानी देना, यह सिद्ध करता है कि जल संकट की आड़ में प्रशासनिक और तंत्रगत लापरवाही छुपाई जा रही है।
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उन्होंने जनता से अपील की कि अब वे आंकड़ों और बयानबाजियों से भ्रमित न हों, और इस मुद्दे को लेकर जवाबदेही
तय करने के लिए आवाज उठाएं। भाजपा सोलन शहरी इकाई इस मसले को आगे भी प्रमुखता से उठाती रहेगी।
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