
हिमाचल समय, सोलन, 13 जनवरी ।
केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (CIPMC), सोलन द्वारा सब्जी फसलों में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन (IPM) पर आयोजित दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम (SLTP) सफलतापूर्वक प्रगति पर है। 07 जनवरी 2026 से 12 जनवरी 2026 के दौरान प्रतिभागियों हेतु शैक्षणिक, फील्ड-आधारित एवं अनुभवात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
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प्रशिक्षण सत्रों में डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (UHF), नौणी के वैज्ञानिकों एवं प्राध्यापकों द्वारा सब्जी फसलों में पौध संरक्षण एवं IPM से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए। इसके अतिरिक्त पौध संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय (DPPQS), फरीदाबाद से आए अनुभवी अधिकारियों द्वारा पौध संरक्षण नीतियों, संगरोध उपायों तथा
कीटनाशी विनियमन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। डॉ. संजीव शर्मा, प्रमुख – पौध संरक्षण प्रभाग, CPRI, शिमला, द्वारा विशेष व्याख्यान दिया गया, जिसमें पौध संरक्षण के क्षेत्र में नवीन शोध उपलब्धियों एवं उभरती चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।
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फील्ड-आधारित प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कंडाघाट का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें KVK द्वारा संचालित फील्ड प्रदर्शन, किसानोन्मुख विस्तार गतिविधियों तथा शोध कार्यों की जानकारी दी गई। इस भ्रमण से प्रतिभागियों को IPM तकनीकों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन एवं विस्तार कार्यों की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई।
कृषि एवं संबद्ध विभागों से आए फील्ड-स्तरीय अधिकारी एवं तकनीकी कर्मियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ये सभी गतिविधियाँ सब्जी उत्पादन में सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल नाशीजीव प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।
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