Home डेली न्यूज़ राज्यपाल ने रामपुर बुशहर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का शुभारम्भ किया

राज्यपाल ने रामपुर बुशहर में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का शुभारम्भ किया

52
0
Paramparik Utsav Himachal

हिमाचल समय, शिमला, 11 नवंबर ।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला जिले के रामपुर बुशहर में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि लवी मेले का सांस्कृतिक और व्यापारिक महत्व है और यह राज्य की गौरवशाली परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल व्यापार का उत्सव है,

Jeevan Ayurveda Clinic

प्रदेश विश्वविद्यालय ने सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास पहलों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए

बल्कि एक समृद्ध परंपरा भी है। राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में ही इस मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि पहले लवी मेले का आयोजन व्यापारियों और स्थानीय समुदायों के बीच आपसी समझ से होता था। आज, यह लोगों की सामूहिक भावना और एकता का

प्रतीक बन चुका है।
राज्यपाल ने विभिन्न जिलों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव पारंपरिक कला, संगीत और शिल्प को बढ़ावा देने का एक मंच प्रदान करते हैं, जिससे परिवारों और समुदायों को एक सूत्र में पिरोने वाले रीति-रिवाजों

और मूल्यों को जीवित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपराएं पीढ़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और लवी जैसे उत्सव यह सुनिश्चित करते हैं कि यह विरासत युवा पीढ़ी तक पहुंच सके।

शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेश में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यकत करते हुए कहा कि नशे को जड़ से मिटाने के लिए एकजुट प्रयासों का आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस अवैध मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस सामाजिक बुराई को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ने के लिए

मजबूत सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें चिट्टा जैसी लत फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए, जो परिवारों को बर्बाद कर रही हैं।
राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी बल देते हुए कहा कि अगर हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तो हिमाचल स्वयं सुरक्षित और समृद्ध रहेगा। उन्होंने दिल्ली में हाल ही

में हुए विस्फोट पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
श्री शुक्ल ने लवी मेले की पारंपरिक भावना को बनाए रखने और नए आकर्षण जोड़ने के लिए जिला प्रशासन और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि

स्थानीय शिल्प, ऊनी उत्पादों और सूखे मेवों का प्रदर्शन न केवल हिमाचल की सांस्कृतिक संपदा को उजागर करता है, बल्कि कारीगरों और किसानों को अपने उत्पादों के विपणन के बहुमूल्य अवसर भी प्रदान करता है।


राज्यपाल ने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी शुभारम्भ किया और उनकी पहलों और कल्याणकारी योजनाओं में गहरी रुचि दिखाई।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि लवी मेले का ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व है, जो विशेष रूप से ऊनी

वस्तुओं के व्यापार के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि अब मेले में खेल गतिविधियों को शामिल किया जा रहा है, जिससे युवाओं के बीच इसका आकर्षण बढ़ रहा है।


इससे पूर्व, उपायुक्त और अंतरराष्ट्रीय लवी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा उन्हें मेले के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।

शूलिनी विश्वविद्यालय ने सरोज खोसला का 85वां जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया
इस अवसर पर हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों के लोक कलाकारों ने राज्य की समृद्ध परंपराओं और उत्सव की भावना को प्रदर्शित करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी, नगर परिषद अध्यक्ष मुस्कान नेगी, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

bhu ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here