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हिमाचल के तकनीकी संस्थानों में शुरू होगी डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई : राजेश धर्माणी

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Himachal Pradesh disaster management course
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू होगी, जिसमें एआई और स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग सिखाया जाएगा। राजेश धर्माणी ने विश्वकर्मा दिवस पर इस पहल की घोषणा की। विद्यार्थी ड्रोन सर्विलांस और रेस्क्यू तकनीकों को सीखेंगे।

मंडी, 17 सितम्बर।

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश के आईटीआई, बहुतकनीकी, इंजीनियरिंग और फार्मेसी संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एक नया विषय जोड़ा जाएगा,

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जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन में तकनीक के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर

स्पेस टेक्नोलॉजी तक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन सर्विलांस, रेस्क्यू, रिस्क असेसमेंट और मिटीगेशन में तकनीकी टूल्स के प्रयोग का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को मिलेगा

मंत्री ने बताया कि अगले विश्वकर्मा दिवस पर विद्यार्थी इस विषय से संबंधित मॉडल प्रस्तुत करेंगे। इससे उन्हें नए स्टार्टअप और नवाचारों की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा। फार्मेसी के विद्यार्थी भी सीखेंगे कि आपदा की स्थिति में,

जब कोई क्षेत्र कट जाता है, तो चिकित्सीय सहायता किस प्रकार पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस पहल से हर गांव और कस्बे में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा,

जिससे आपदा प्रबंधन में रिस्पांस टाइम कम होगा और राहत कार्यों की सटीकता बढ़ेगी। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में एक बड़ा निर्णय बताया।

राजेश धर्माणी आज सुंदरनगर बहुतकनीकी संस्थान के सभागार में आयोजित विश्वकर्मा दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए थे । इस अवसर पर उन्होंने बहुतकनीकी संस्थानों की 11 शाखाओं और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की

60 शाखाओं के टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया। बहुतकनीकी संस्थानों की 11 शाखाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 50-50 हजार, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 30-30 हजार और तृतीय स्थान पर आने वालों को 20-20

हजार रुपए प्रदान किए गए। वहीं आईटीआई की 60 शाखाओं के टॉपर विद्यार्थियों को क्रमशः 21-21 हजार, 11-11 हजार और 5,500-5,500 रुपए की राशि देकर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को और अधिक आकर्षक तथा प्रासंगिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

सरकार गुणवत्ता युक्त शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है और कहा कि तकनीकी शिक्षा में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि आईटीआई के पाठ्यक्रमों को उद्योगों की मांग के अनुरूप ढाला जा रहा है और इसमें एआई टूल्स को शामिल किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी और आईटीआई विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचार मॉडलों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों की बनाई बैटरी चालित साइकिल की सवारी भी की। 

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री को तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 16 लाख रुपये का तथा तकनीकी शिक्षा के  आईएमसी व एसडब्ल्यूएफ संघ द्वारा 31,000 रूपये का चैक भी भेंट किया गया।

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