हिमाचल समय, शिमला, 13 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। जहां लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर करीब डेढ़ महीने बाद शनिवार को बर्फबारी हुई, वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भारी बारिश से जान-माल का नुकसान हुआ और बुनियादी

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ढांचा ध्वस्त हो गया। लगभग डेढ़ महीने के अंतराल के बाद शनिवार को लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरी। रोहतांग दर्रा, कुंजुम दर्रा और बारालाचा दर्रा समेत ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए।
राजधानी शिमला में शनिवार दोपहर भारी बारिश हुई, जिससे 13 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के कुछ हिस्सों और 16 जुलाई से अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है।
कुल्लू से लेह तक शुक्रवार रात हुई भारी बारिश के कारण ब्यास नदी और कुल्लू जिले के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऊना के कुछ इलाकों में भी सुबह बारिश हुई। चंबा में शनिवार को तेज धूप निकली।
हमीरपुर जिले की दिम्मी पंचायत के गांव दसमल में एक दुर्घटना में 54 वर्षीय शरबी देवी की मौत हो गई। वह सुबह घर के आंगन में झाड़ू लगा रही थीं
कि अचानक गिरे एक पीपल के पेड़ के नीचे दब गईं।हमीरपुर जिले में एक और कांगड़ा जिले में दो मकान बारिश व भूस्खलन के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गए।
बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में 95 लोगों की मौत हो चुकी है। 175 लोग घायल हैं और 33 लोग अभी भी लापता हैं।1,193 से अधिक कच्चे व पक्के घर एवं दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
प्रदेश को अब तक 75,195.89 लाख रुपये (करीब 7,519.589 करोड़ रुपये) का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसका अधिकांश हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिले का है।
- पंडोह: 79.0 मिमी
- सलापड़: 67.7 मिमी
- कोठी: 60.4 मिमी
- मंडी: 53.2 मिमी
- जोगिंद्रनगर: 53.0 मिमी
- भुंतर: 47.6 मिमी
- भराड़ी: 40.0 मिमी
- सराहन: 35.0 मिमी
प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से काम में बाधा आ रही है। लोगों से सतर्क रहने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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