हिमाचल समय न्यूज़,
19 मई / मंडी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्थानीय निकाय चुनाव में जीत के झूठे आंकड़ों से जनता को गुमराह कर रहे हैं ताकि पंचायत चुनावों में कांग्रेस पार्टी को कोई नुकसान न हो। गारंटियों, योजनाओं को लेकर झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री अब चुनाव रिसल्ट पर भी झूठ बोल रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद इस कांग्रेस सरकार के खिलाफ विदाई की शहनाई बज चुकी है जिसका शोर सुनने का साहस मुख्यमंत्री में नहीं है। शहरी क्षेत्रों के बाद अब प्रदेश की ग्रामीण जनता भी कांग्रेस की चुनावी गारंटियों के पूरा न होने के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और चुनावों में इस सरकार को कड़ा सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने सराज प्रवास के दौरान शंकरदेहरा में जिला परिषद ब्रयोगी वार्ड एवं जरोल में जिला परिषद रोड़ वार्ड में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के समर्थन में कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद ये बात कही। बैठक में उन्होंने संगठन की मजबूती, आगामी चुनावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तृत व गंभीर चर्चा की। बाद में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में उमड़े कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह और आम जनता के मिल रहे अपार स्नेह को देखकर नेता प्रतिपक्ष ने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र के सभी 4 वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की शानदार और ऐतिहासिक विजय पूरी तरह से निश्चित है।

इस दौरान जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी जीत के आँकड़ों को सोशल मीडिया और मीडिया के सामने अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं, ताकि आगामी पंचायतीराज चुनावों में जनता द्वारा उनका सूपड़ा साफ होने से खुद को बचा सकें। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जब कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपने आधिकारिक प्रत्याशी ही घोषित नहीं किए थे, तो अब वे किस आधार पर अपनी जीत के झूठे दावे कर रहे हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी ने बकायदा अधिकृत लिस्ट जारी करके बिना सिंबल के अपने मजबूत प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे थे, जिनमें से 60 प्रतिशत से अधिक प्रत्याशियों ने शानदार जीत दर्ज की है, जो सीधे तौर पर वर्तमान सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ जनता के भारी आक्रोश और खतरे की घंटी को दर्शाता है। उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि आगामी नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और इसके साथ ही जिला परिषद, पंचायत तथा पंचायत समिति के चुनावों में भी पूरी तरह से कांग्रेस के खिलाफ ही जनमत आयेगा, क्योंकि आज हिमाचल प्रदेश का ऐसा कोई भी वर्ग नहीं बचा है जो इस सरकार की जनविरोधी नीतियों और गलत फैसलों की वजह से बुरी तरह त्रस्त न हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार के पास न तो प्रदेश में विकास कार्य करवाने के लिए पैसा बचा है और न ही अब उनकी कोई नियत रह गई है। जो सरकार अपने साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरे होने के बाद भी जनता को यह बताने की स्थिति में नहीं है कि उसने धरातल पर क्या विकास कार्य किए हैं, वह आगे प्रदेश का क्या भला करेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केवल दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान को खुश करने के लिए मीडिया के सामने झूठे और मनगढ़ंत आंकड़े परोस रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जनता ने इस निकम्मी सरकार को पूरी तरह से आईना दिखा दिया है। यहाँ तक कि खुद कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के अपने गृह क्षेत्रों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की बंपर जीत हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी इस करारी हार को स्वीकार करने के बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तर्ज पर एक ही राजनीतिक जिद्द पर अड़े हैं कि वे चुनाव हारे नहीं हैं।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के पैरों तले से राजनीतिक जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है और पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद अब हिमाचल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के इस बेहद खराब प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश की जागरूक जनता इस झूठी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह बेताब बैठी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब सीधे जनता के बीच जाने से भी पूरी तरह कतरा रहे हैं और केवल सोशल मीडिया पर बयानबाजी कर झूठे आंकड़ों के सहारे जनता को भ्रमित करके राजनीतिक लाभ उठाने की नाकाम कोशिशों में जुटे हुए हैं, लेकिन अब सूबे की जनता भली-भांति समझ चुकी है कि इनसे प्रदेश का शासन और विकास नहीं चलने वाला है। आज हिमाचल प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियों के साथ मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है ताकि राज्य के विकास के लिए पर्याप्त पैसा मिल सके, परंतु दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि केंद्र से मिल रहे विकास बजट को भी सुक्खू सरकार बंदरबांट करके सिर्फ अपने खास गुट के कांग्रेस विधायकों और चुनिंदा मित्रों के क्षेत्रों में ही खर्च कर रही है ताकि उन्हें अगले चुनावों में फायदा मिल सके। शहरी क्षेत्रों के बाद अब प्रदेश की ग्रामीण जनता भी कांग्रेस की चुनावी गारंटियों के पूरा न होने के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और आने वाले चुनावों में इस सरकार को कड़ा सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।








