भावना ठाकुर,
19 मई / सोलन।
शूलिनी विश्वविद्यालय और एंटियर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम), ब्लॉकचेन और शिक्षा-आधारित नवाचार पर सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू पर शूलिनी विश्वविद्यालय में नवाचार और एआई के अध्यक्ष और योगानंद स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर और डेटा साइंस के निदेशक प्रोफेसर आशीष खोसला और एंटियर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा जगत के बीच एक मजबूत सेतु बनाना और छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के लिए सार्थक अवसर सृजित करना है। यह सहयोग एआई, एलएलएम, ब्लॉकचेन और संबंधित प्रौद्योगिकियों में संयुक्त परियोजनाओं के साथ-साथ छात्र इंटर्नशिप, प्लेसमेंट के अवसर, कार्यशालाओं, सेमिनारों और भविष्य की अनुसंधान पहलों पर केंद्रित होगा।
यह समझौता पांच वर्षों के लिए वैध रहेगा और आपसी सहमति से विशेष परियोजनाओं और नवाचार-आधारित कार्यक्रमों तक विस्तारित किया जा सकता है।
हस्ताक्षर समारोह में बोलते हुए प्रोफेसर आशीष खोसला ने कहा, “शूलिनी विश्वविद्यालय में हमारा मानना है कि शिक्षा का भविष्य अकादमिक उत्कृष्टता और वास्तविक दुनिया के तकनीकी नवाचार के संगम में निहित है। एंटियर सॉल्यूशंस के साथ हमारा सहयोग उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स और ब्लॉकचेन जैसे परिवर्तनकारी क्षेत्रों में मिलकर काम करके, हमारा लक्ष्य अपने छात्रों और शिक्षकों को अत्याधुनिक तकनीक से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है, साथ ही अनुसंधान, नवाचार, इंटर्नशिप और करियर विकास के लिए सार्थक अवसर प्रदान करना है। इस तरह की साझेदारियां यह सुनिश्चित करने में मदद करती हैं कि हमारे शिक्षार्थी न केवल आज के करियर के लिए, बल्कि भविष्य को आकार देने वाली तकनीकों के लिए भी तैयार हों।”









