भूपेंद्र ठाकुर,
01 सितंबर / शिमला।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है, जबकि बिलासपुर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
आज दोपहर बाद से राजधानी शिमला में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, और पूरा शहर घनी धुंध की चपेट में है। बीते 24 घंटों के दौरान कांगड़ा में 95.2, जोगिंद्रनगर में 54.0, मुरारी देवी में 50.0, धर्मशाला में 43.0, नेरी में 26.5, पांवटा साहिब में 26.4, घाघस में 23.0, कसौली में 20.0, ब्राह्मणी में 20.0 और खदराला में 15.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

मंगलवार शाम तक भारी बारिश के कारण प्रदेशभर में 60 सड़कें, 11 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है।
इस मानसून सीजन (30 जून से 1 सितंबर तक) में राज्य में आपदा से 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 153 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस अवधि के दौरान 34 पक्के और 71 कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 451 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 397 गोशालाएं भी प्रभावित हुई हैं। राज्य में कुल नुकसान का आंकड़ा 1,20,264.27 लाख रुपये यानी करीब 1,202 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 5 सितंबर के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 1 से 3 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 6 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश और 7 सितंबर को कुछ इलाकों में हल्की बारिश की उम्मीद है। साथ ही, अगले 3-4 दिनों के दौरान कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
विभाग ने बुधवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे इन क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।








