भूपेंद्र ठाकुर,
21 अगस्त / शिमला।
शिमला शहर में लोगों को ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलेगी वहीं राजधानी शिमला में बाईपास के निर्माण से पर्यटकों की संख्या में ईजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2027 तक बाईपास का कार्य पूरा हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में 28.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास (पैकेज-1 व 2) के निर्माण से कैथलीघाट से ढली के बीच की दूरी में करीब 15 किलोमीटर की कमी आएगी और यात्रा में लगभग एक घंटे की बचत होगी। इस परियोजना के तहत 10.6 किलोमीटर लंबी 10 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही 27 बड़े पुल और वायाडक्ट भी बनाए जाएंगे।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देगी। दूरी कम होने से पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब 5,000 पेड़ों को कटने से बचाया है और मिट्टी के कटाव को भी रोका है। कैथलीघाट से ढली तक फैली इस शिमला बाईपास फोरलेन परियोजना की कुल लागत 4,800 करोड़ रुपये है, और इसे मार्च 2027 तक पूर्ण रूप से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।




