भूपेंद्र ठाकुर,
28 जुलाई / शिमला।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने कहर बरपाना जारी रखा है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा तबाही चंबा जिले में देखने को मिली, जहां भारी बारिश के चलते आए भूस्खलन में 12 से अधिक वाहन मलबे में दब गए और कई घरों में भी मलबा घुस गया। वहीं, शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और कुल्लू सहित अन्य जिलों में भी झमाझम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, सक्रिय मानसून और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान प्रदेश के निचले पहाड़ी-मैदानी इलाकों और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर 28 से 30 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले 3-4 दिनों तक तापमान स्थिर रहने का अनुमान है।
किस जिले में कब क्या अलर्ट? (मौसम विभाग की एडवाइजरी)
· 28 जुलाई (आज): कांगड़ा व मंडी में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
· 29 जुलाई (कल): सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी के लिए येलो अलर्ट रहेगा।
· 30 जुलाई (परसों): बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट रहेगा।
· 31 जुलाई: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट है।
· 1 अगस्त: चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों में रहें और बेवजह पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें। भूस्खलन और बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।








