भूपेंद्र ठाकुर,
28 जुलाई / शिमला।
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित भव्य कलश वंदन यात्रा में सहभागिता के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिमाचल प्रदेश की 16 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय टोली आज पवित्र नगरी काशी (वाराणसी) पहुंच गई। यह टोली गुरु रविदास जी के समता, सामाजिक समरसता, मानवता और आध्यात्मिक चेतना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के इस महायज्ञ में शामिल हो रही है।
टोली के प्रमुख सदस्यों, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल और अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष चौहान ने बताया कि यह कलश वंदन यात्रा गुरु रविदास जी के विचारों को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह टोली यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेकर गुरु जी के आदर्शों के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त करेगी।

भाजपा टोली के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, “संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का संपूर्ण जीवन समाज में समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय का प्रतीक रहा है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक समरस, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। इस अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल काशी में एकत्रित होकर गुरु जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि यह कलश वंदन यात्रा 2 अगस्त को हिमाचल प्रदेश लौटने के बाद सभी जिला मुख्यालयों, फिर मंडलों और अंतिम चरण में बूथ स्तर तक पहुंचेगी। इसके तहत हर स्थान पर गुरु रविदास जी के मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों पर पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनके संदेश को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जा सके।
भाजपा टोली में ये रहे शामिल:
भाजपा की इस प्रतिनिधि टोली में प्रदेश महामंत्री पायल वैद्या, प्रदेश सचिव तिलक राज शर्मा, सभी प्रकोष्ठों के संयोजक पुरुषोत्तम गुलेरिया, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा डॉ. डेजी ठाकुर, महामंत्री एवं पूर्व विधायिका कमलेश कुमारी, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अजय कबीर, उपाध्यक्ष चेत राम, सचिव अजय चौहान, पवन सैनी, प्रवक्ता अभिषेक इंदौरिया, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव पवन चौधरी, सोलन भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, मोर्चा मंडल महामंत्री राम कुमार, अनीता देवी सहित अन्य मोर्चों के पदाधिकारी भी उपस्थित हैं।

गौरतलब है कि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पूरे देश में धार्मिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है, और काशी में यह आयोजन विशेष रूप से ऐतिहासिक बन गया है, जहां हिमाचल सहित सभी राज्यों से आए श्रद्धालु एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का संदेश लेकर लौटेंगे।








