हिमाचल समय न्यूज़,
28 जुलाई / चम्बा।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार देर रात मूसलाधार बारिश ने भयानक रूप ले लिया। पहाड़ों से अचानक आए भूस्खलन और नालों में उफान के कारण कई इलाकों में जलप्रलय जैसे हालात पैदा हो गए। गनीमत रही कि इस आपदा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है। घर, दुकानें और करीब एक दर्जन से अधिक वाहन मलबे की चपेट में आ गए।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड क्षेत्रों में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। भारी बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से मलबा नीचे आ गिरा, जिससे रिहायशी मकानों और सड़कों पर खड़े वाहन दब गए। इनमें कारें, मालवाहक ट्रक, बाइकें और स्कूटियाँ शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, करीब 12 से अधिक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, हालाँकि संख्या और अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

सबसे भयावह दृश्य भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिला। यहाँ तडोली नाला और सुल्तानपुर नाला उफान पर आ गए। तेज बहाव के साथ पत्थर और मिट्टी बहकर आई, जिसने तडोली नाला के निकट एक स्टोर को पूरी तरह ढहा दिया। कई मकानों में पानी घुस गया, जिससे परिवारों को रातों-रात बेघर होना पड़ा। सुल्तानपुर नाले के रौद्र रूप ने सड़कों पर खड़ी कई दोपहिया गाड़ियों को तिनके की तरह बहा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आधी रात को अचानक मची चीख-पुकार से सभी की नींद खुल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊँची जगहों की ओर भागे।
जिला प्रशासन ने मौके पर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें राहत अभियान में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबा हटाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए काम किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, साथ ही भूस्खलन और बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नुकसान का जायजा लेने और उचित मुआवजा देने की माँग की है। फिलहाल, राहत कार्य जारी है और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। आपदा के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित है, जिसे जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।








