भूपेंद्र ठाकुर,
27 जून / शिमला।
मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध जिला पुलिस शिमला द्वारा केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में उपमंडल रामपुर के दो मामलों में लगभग ₹70 लाख मूल्य की अवैध संपत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई अमल में लाई गई है।

पहले मामले में दिनांक 11.02.2025 को डिटेक्शन सेल, उपमंडल रामपुर की पुलिस टीम द्वारा खुफिया सूचना के आधार पर एक व्यक्ति साहिल पुत्र पदम लाल, निवासी गांव बरी, तहसील निचार, जिला किन्नौर के कब्जे से लगभग 6 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। इस संबंध में FIR No. 19/2025, दिनांक 11.02.2025, पुलिस थाना रामपुर, धारा 21 NDPS Act के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क के backward एवं forward linkages की जांच की, जिसके आधार पर निम्नलिखित 6 अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई:
- गोविन्द सिंह (29 वर्ष), पुत्र स्व. भगवान दास, निवासी ग्राम बठारा, डाकघर शाहधर, तहसील रामपुर बुशहर, जिला शिमला (हि.प्र.)।
- राकेश कुमार, पुत्र विधान विश्वास, निवासी ग्राम केदार डांगा, पी.पी. ऐशलु, तहसील बगदा, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल; वर्तमान पता– सी/ओ मुकेश शर्मा, जगतखाना।
- मनमोहन सिंह (34 वर्ष), पुत्र दौलत राम, निवासी वीपीओ झाकड़ी, तहसील रामपुर बुशहर, जिला शिमला (हि.प्र.)।
- दीपक (28 वर्ष), पुत्र तरसैन लाल, निवासी चुहाबाग, तहसील रामपुर बुशहर, जिला शिमला (हि.प्र.)।
- राकेश (32 वर्ष), पुत्र शशि राम, निवासी ग्राम डकोलर, डाकघर शिंगला, तहसील रामपुर बुशहर, जिला शिमला (हि.प्र.)।
इन सभी आरोपियों को धारा 29 NDPS Act के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। मामले में विस्तृत Financial Investigation की गई, जिसके दौरान 3 आरोपियों द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित लगभग ₹32 लाख मूल्य की अवैध संपत्ति चिन्हित की गई। इसमें लग्जरी वाहन, 44.1 ग्राम सोना तथा अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को विधि अनुसार जब्त /फ्रीज कर लिया गया है।
दूसरे मामले में आरोपी चेतन चौहान के विरुद्ध पूर्व में भी NDPS Act के अंतर्गत दो मामले (FIR No. 58/2020 दिनांक 23.03.2020 जेर धारा 21,239 मादक पदार्थ अधिनियम तथा FIR No. 51/2023 दिनांक 14.04.2023 जेर धारा 21,29 मादक पदार्थ अधिनियम पुलिस थाना रामपुर) दर्ज पाए गए थे। उसके विरुद्ध PIT-NDPS Act के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा गया। सरकार से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आरोपी को 25 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वह जिला उपकारागार कैथू जेल में बंद है।
आरोपी की निरोधात्मक गिरफ्तारी के उपरांत उसकी विस्तृत फाइनेंशियल इनवेस्टिगेशन भी की गई। जांच के दौरान लगभग ₹38 लाख मूल्य की अवैध संपत्ति चिन्हित की गई, जिसमें एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना, बैंक खाते एवं अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को भी विधि अनुसार फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।
इन दोनों मामलों में कुल मिलाकर लगभग ₹70 लाख मूल्य की अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान यह पाया गया कि उपरोक्त चारों आरोपियों के पास आय का कोई ज्ञात एवं वैध स्रोत उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद, उन्होंने पिछले लगभग छह वर्षों की अवधि में मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धनराशि के माध्यम से उक्त संपत्तियां अर्जित की है।
जिला पुलिस शिमला का स्पष्ट संदेश है कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी ही नहीं की जाएगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें विधि अनुसार जब्त करने की कार्रवाई भी समान रूप से की जाएगी।
वर्ष 2026 में 6 महीनों के अंतर्गत फाइनेंसियल इन्वेस्टीगेशन के आधार पर अब तक 4 मामलों 6 आरोपियों की 1.83 की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जबकि पिछले दो वर्षों में इस तरह की कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाए गई थी।
नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसी वित्तीय जांच एवं संपत्ति संबंधी कार्रवाई पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगी।








