– सीसीटीवी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर चिरगाँव बाजार से किया गया रेस्क्यू
भूपेंद्र ठाकुर,
22 जून / जुब्बल (शिमला)।
पुलिस थाना जुब्बल ने एक लापता नाबालिग बालक को सकुशल ढूंढकर उसके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। बालक 18 जून से गायब था, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस का सहारा लिया।
पुलिस थाना जुब्बल को 20 जून 2026 को एक बालक के लापता होने की शिकायत मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस ने अभियोग संख्या 26/2026, धारा 137(2) बीएनएस (बालक के लापता होने से संबंधित कानूनी प्रावधान) के तहत मामला दर्ज कर तलाश अभियान शुरू कर दिया।

पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी ली, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच व मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस को बालक के होने का संभावित ठिकाना पता चला।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने बालक को चिरगाँव बाजार क्षेत्र से सकुशल ढूंढ निकाला। पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद बालक को उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
जिला पुलिस शिमला ने राहत व्यक्त करते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी बच्चे के गुम होने या कोई संदिग्ध परिस्थिति नजर आती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। समय पर दी गई सूचना से पुलिस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए कीमती जान को सुरक्षित निकाल सकती है।
फिलहाल इस संबंध में जांच और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बालक इन दो दिनों में कहां रहा और उसके लापता होने के पीछे कोई अन्य पहलू तो नहीं है।








