
हिमाचल समय, सोलन 20 जून।
माता शुलिनी के पावन मेले में गरीब-अमीर का भेद मिटाकर सभी श्रद्धालु एक साथ भंडारों का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। 20 जून से शुरू हुए इस मेले में तीन दिनों तक सोलन शहर और आसपास के इलाकों में दर्जनों भंडारों का



आयोजन किया जा रहा है, जहाँ दाल-चावल से लेकर आइसक्रीम व जूस तक हर स्वादिष्ट व्यंजन वितरित किया जा रहा है।
लोगों द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए इन भंडारों में हर वर्ग के लोग कंधे से कंधा मिलाकर भोजन करते नज़र आए।
मेले के दौरान सोलन के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जलता। मान्यता है कि माता शुलिनी इस दौरान किसी को भी भूखा नहीं सोने देतीं।
परंपरागत भोजन से लेकर आधुनिक व्यंजन तक सभी कुछ भंडारों में उपलब्ध है। लाखों श्रद्धालु इन्हें प्रसाद के रूप में ग्रहण कर रहे हैं।

भंडारों का सिलसिला आज (20 जून) सुबह से शुरू हो चुका है और 22 जून की रात 12:00 बजे तक चलेगा। अंतिम दिन माता के विशेष आशीर्वाद के साथ मेले का समापन होगा।
यह मेला हमारी आस्था और समाजिक एकजुटता का प्रतीक है। तीन दिन तक पूरा शहर एक परिवार की तरह भोजन करता है।
माता शुलिनी मेला न केवल धार्मिक आस्था, बल्कि साझा मानवता और सेवा भाव का अनूठा उदाहरण बना हुआ है।
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