-मुख्यमंत्री ने की चियोग स्कूल को सीबीएसई बनाने की घोषणा
-भाजपा करती है विरोध की राजनीति, हम डरते नहीं: सीएम
भूपेंद्र ठाकुर,
27 अप्रैल/शिमला।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला ज़िला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चियोग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, चियोग के नए भवन के लिए 5.50 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्कूल में अगले वर्ष से सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में बिजली की समस्या का समाधान करने के लिए 66 के.वी. सब-स्टेशन के निर्माण के लिए 16 करोड़ रुपये देने की घोषणा की, जिसे एक साल के भीतर बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। उन्होंने कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के लिए एफआरए के तहत स्वीकृत बंगापानी से चडैल, चियोग से जठाई, धलैऊ से जनुनाला, चियोग से मेहाना, धलैऊ से धार, फागू से सरिवन तथा जुब्बड़ से कढरब सड़कों के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने धरेच सिंचाई परियोजना के लिए धन उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की।
श्री सुक्खू ने अपने छात्र जीवन के दिनों को याद करते हुए कहा कि आज कई मेरे साथी यहां उपस्थित हैं, जिन्होंने जीवन के हर पड़ाव पर उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि शिमला नगर निगम से वह पार्षद बने और यहीं से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं और प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से उन्हें आज प्रदेश की बागडोर संभालने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने महज राजनीतिक लाभ के लिए विधानसभा चुनावों से छह महीने पहले पांच हज़ार करोड़ रुपये की रेवड़ियां बांट दीं। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार की ग़लत नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ने के बाद देश में 21वें स्थान पर पहुंच गया था। वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए तथा पहली कक्षा से अंग्रेज़ी मीडियम में पढ़ाई आरंभ की। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लाए गए सुधारों के कारण आज हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। आज प्रदेश में 151 सीबीएसई स्कूल भी खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा ‘‘भाजपा विरोध की राजनीति करती है लेकिन हम विरोध से नहीं डरते। प्रदेश के सभी सीबीएसई स्कूलों में 30 जून तक सभी विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जहां पर अन्य विषयों के साथ-साथ संगीत और योग के अध्यापक भी उपलब्ध होंगे, ताकि बच्चों का संपूर्ण विकास हो सके और उनमें आत्मविश्वास पैदा हो सके। आज हिमाचल प्रदेश पूर्ण रूप से साक्षर प्रदेश बन गया है।“
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय विधायक एवं मंत्री अनिरुद्ध सिंह क्षेत्र के विकास के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करते हैं। पहली बार कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के धरेच में स्थापित 500 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र ने उत्पादन शुरू कर दिया है, जिससे केवल पंचायत को ही प्रतिवर्ष लगभग 14 लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रीन पंचायतें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रुप में अपनाया है। ऐसे बच्चों के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का ख़र्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना के तहत बच्चों को शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की दर से 20 लाख रुपये का क़र्ज़ उपलब्ध करवाया जा रहा है।









