Home शिमला जल शक्ति विभाग के 101 कार्यालय ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म से जुड़े

जल शक्ति विभाग के 101 कार्यालय ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म से जुड़े

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हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरडीजी समाप्त किए जाने के मुद्दे पर भाजपा नेताओं को प्रधानमंत्री से मिलने की सलाह दी। वहीं पी. चिदंबरम ने इस मुद्दे को उचित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया।

भूपेंद्र ठाकुर,

19 अप्रैल/शिमला।

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प्रदेश सरकार के डिजिटल गवर्नेंस सुधार को गति देते हुए जल शक्ति विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 101 कार्यालयों में ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म सफलतापूर्वक लागू किया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जल शक्ति विभाग की डिजिटल क्रांति को सराहते हुए कहा कि अब विभागीय संचार ई-ऑफिस के माध्यम से हो रहे हैं जिससे कार्यों में गति आई है और अब डिजिटल माध्यम से समयबद्ध कार्य निष्पादन होने के साथ-साथ कार्यों में पारदर्शिता भी आई है।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विभाग ने तय समय सीमा के भीतर डिजिटल बनने का लक्ष्य हासिल किया है और यह पहल विभाग को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और दक्ष बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर इस पहल को पूर्ण करना विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रतिबद्धता व समर्पण को दर्शाता है।
डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि कुल 101 कार्यालयों में ई-ऑफिस को सफलतापूर्वक लागू किया है। इनमें प्रमुख अभियंता स्तर पर दो कार्यालय जिनमें जल शक्ति विभाग, शिमला व जल शक्ति विभाग (प्रोजेक्ट) मंडी, सभी सात मुख्य अभियंता जिनमें चार ज़ोन कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, डिज़ाइन एवं गुणवत्ता नियंत्रण तथा मुख्य अभियंता पी.एम.यू. मंडी व 17 वृत्त कार्यालय जो अधीक्षण अभियंताआंे के अधीन हैं और 75 अधिशासी अभियंता कार्यालय सहित प्रशिक्षण केंद्र एचपी स्टेट वॉटर एंड कम्यूनिटी ट्रेनिंग इंस्टीटयूट, ढांगसीधार मंडी आदि कार्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब फाइलों का संचालन प्रमुख अभियंता से सचिव कार्यालय, सचिव कार्यालय से जल शक्ति मंत्री के कार्यालय और उसके पश्चात मुख्यमंत्री कार्यालय तक ई-ऑफिस के माध्यम से हो रहा है।
विभाग में अधिकतर कार्य अब ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है। इस डिजिटल परिवर्तन से समयबद्ध कार्य निष्पादन, पारदर्शिता तथा फाइलों की रियल टाइम निगरानी संभव हुई है। उन्होंने बताया कि अब विभाग उप-मंडल स्तर पर डिजिटल होने की दिशा में अग्रसर हो रहा है।

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