Home कल्चर नेरवा में 5 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया स्कूल भवन

नेरवा में 5 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया स्कूल भवन

8
0

– मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूल नेरवा के विद्यार्थियों के साथ किया संवाद
विधायकों को हर पांच वर्ष में देनी पड़ती है परीक्षा: मुख्यमंत्री


भूपेंद्र ठाकुर,

28 मई / शिमला।

Jeevan Ayurveda Clinic

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस विद्यालय को हाल ही में सीबीएसई पाठयक्रम के अंतर्गत लाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यहां विद्यार्थियों के साथ संवाद करने आए हैं। राज्य सरकार ने 150 से अधिक विद्यालयों में सीबीएसई पाठयक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के साथ संवाद करने से उन्हें उनकी समस्याओं को समझने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने का अवसर मिलता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के सीबीएसई संस्थान बनने के बाद नेरवा स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसलिए राज्य सरकार ने विद्यालय को दो शिफ्टों में संचालित करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि नेरवा में 5 करोड़ रुपये की लागत से नया स्कूल भवन निर्मित किया जाएगा, इसका निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल से संबंधित मामलों के साथ-साथ अन्य विषयों पर भी प्रश्न पूछे। 11वीं की छात्रा सारा नेगी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि लोग उन्हें ‘योद्धा’ क्यों कहते हैं। इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने जीवन पर्यन्त संघर्ष किया है। जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और किसी कार्य में असफलता भी मिलती हैं, लेकिन जो व्यक्ति बार-बार असफल होने के बावजूद निरंतर कड़ी मेहनत करना जारी रखता है वह अंततः अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है और सच्चा विजेता बनकर उभरता है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होने की सलाह दी।


बारहवीं कक्षा की छात्रा जेसिका ने राज्य के लिए उनके सबसे बड़े लक्ष्य के बारे में सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं ताकि गांवों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here