हिमाचल समय, शिमला, 17 जून।
नशे के खिलाफ गंभीरता, संवेदनशीलता और जागरूकता बहुत आवश्यक है। बहुत छोटे स्तर पर गंभीरता से शुरू किया गया नशामुक्ति का कार्यक्रम आज जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

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जिस संवेदनशीलता के साथ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने नशे से हिमाचल को बचाने के लिये हर जिले का दौरा करने और रैली निकालकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया है, वह उत्साहवर्धन है।
बड़े स्तर पर विद्यार्थी और महिलाएं जागरूकता अभियान का हिस्सा बन रही हैं। अपने इसी अभियान को दूरदराज़ के गांव तक पहुंचाने के लिये, राज्यपाल गत दिवस देर सायें शिमला जिला के दुर्गम क्षेत्र डोडरा- क्वार का दौरा किया।
वह सड़क मार्ग से लोगों से भेंट करते हुए क्वार पहुंचे। पहली बार किसी राज्यपाल को इतनी सहजता से अपने बीच पाकर स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
डोडरा में उनके सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। क्वार में उन्होंने पैदल चलकर लोगों का पारम्परिक अभिवादन स्वीकार किया।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार मोटा अनाज को ही खाया और इसके लिये बाजार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। तेज़ बारिश के बीच, आज क्वार के जल शक्ति विभाग के गेस्ट हाउस में दूर दराज के क्षेत्रों से आये लोगों के साथ उन्होंने संवाद किया।
उन्होंने कहा नशे के सौदागर गांव के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पारम्परिक नशे की जगह अब सिंथेटिक नशा उपलब्ध करवाया जा रहा है।
पैसे का व्यपार करने वाले मुर्दे का व्यपार करने लगे हैं। वह नशे को भी बाजार बना देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल को देवभूमि और वीरभूमि कहा जाता है।

नशे के ये सौदागर देवभूमि के देवत्व को और वीरता को खत्म करना चाहते हैं। इसलिये वह हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में नशे के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस काम को महिलाएं अधिक प्रभावी तरीके से कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इसके लिये आगे आकर सहयोग करना चाहिये।
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बाद में, राज्यपाल ने स्थानीय स्कूल के विद्यार्थियों की नशे के खिलाफ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर, स्थानीय विधायक मोहन ला ब्राक्टा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि वह राज्यपाल के संकल्प के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ जब इतने दुर्गम क्षेत्र में भी राज्यपाल नशे के खिलाफ संदेश देने यहां आए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उनके इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
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