
हिमाचल समय, सोलन, 23 फरवरी ।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के रोवर्स एवं रेंजर्स यूनिट द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय प्रवेश परीक्षण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना तथा स्काउटिंग कौशल का विकास करना था।
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शिविर का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। शिविर के प्रथम दिन प्रतिभागियों ने पंडाह गांव का भ्रमण किया, जहाँ स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा नाइट हाइक का अनुभव प्राप्त किया। सायंकालीन कैम्प फायर कार्यक्रम में विभिन्न पेट्रोल दलों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई, जिससे वातावरण उत्साह और आनंद से भर उठा।
द्वितीय दिन की शुरुआत बीपी-6 व्यायाम से हुई, इसके पश्चात परीक्षण सत्र, योग एवं ध्यान शिविर, नशा मुक्ति जागरूकता रैली, तथा व्यक्तित्व विकास सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें सोलन के एसीएफ प्रदीप कुमार ने मार्गदर्शन प्रदान किया। विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक परिहार द्वारा प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों ने सीमित संसाधनों में भोजन तैयार करने की कला ‘बैकवुड्स कुकिंग’ गतिविधि के माध्यम से सीखी।
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तीसरे दिन शिविर का समापन विश्वविद्यालय की अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य द्वारा व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व विषय पर विशेष सत्र के साथ हुआ। यह तीन दिवसीय शिविर प्रतिभागियों को न केवल नई स्काउटिंग तकनीकों से परिचित कराने में सफल रहा, बल्कि उनके टीमवर्क, आत्मविश्वास और सेवा भावना को भी सुदृढ़ किया। प्रवेश परीक्षण शिविर के दौरान भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, नौणी के नोडल अधिकारी डॉ. हुकम तथा अन्य वयस्क रोवर्स एवं रेंजर्स लीडर— डॉ. मीना, डॉ. धीरेंद्र और डॉ. प्रियंका भी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. एच. पी. संख्यान ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, यूएचएफ नौणी की टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और प्रतिभागियों में स्काउटिंग कौशल, टीम भावना, आत्मविश्वास तथा समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा भावना विकसित करने के उनके प्रयासों की सराहना की।







