Home हिमाचल प्रदेश राज्यपाल ने मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता...

राज्यपाल ने मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की

34
0
Mandi Shivratri Mela 2026
राज्यपाल Shiv Pratap Shukla ने Mandi में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। जानें जलेब शोभायात्रा, ब्यास आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मुख्य झलकियां।

हिमाचल समय, शिमला, 22 फरवरी ।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जिला मंडी में सप्ताह भर चले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
इससे पूर्व, राज्यपाल ने ऐतिहासिक माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना की और पारंपरिक शोभायात्रा में भाग लिया। उन्होंने माता भीमाकाली परिसर स्थित देवलुधाम में भाग लिया तथा श्री राज ‘

Jeevan Ayurveda Clinic

आपदा प्रभावितों को किराये हेतु सरकार ने जारी किए 8.97 करोड़

माधव राय मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। राज्यपाल ने सदियों पुरानी पारंपरिक ‘जलेब’ शोभायात्रा में भी भाग लिया, जिसका नेतृत्व श्री राज माधव राय ने किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के विशाल जनसमूह का अभिवादन किया। राज्यपाल और लेडी गवर्नर दोनों ने पारंपरिक पगड़ी धारण कर जनता का आत्मीय स्वागत स्वीकार किया।

APEEX AD

राज्यपाल ने कहा कि यह मेला राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और भक्ति का प्रतीक है। भगवान शिव को सृजन और संहार दोनों का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव का त्रिशूल हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है,

जबकि उनका डमरू सृजन और विनाश के शाश्वत चक्र का प्रतीक है। पर्यावरणीय उत्तरदायित्व पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विश्वनाथ के रूप में भगवान शिव प्रकृति और ईश्वर की एकरूपता का संदेश देते हैं। प्रकृति का सम्मान और सामाजिक तथा नैतिक दायित्वों का पालन ही शिव की सच्ची आराधना है। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल नैतिक कर्तव्य ही नहीं,

बल्कि सच्ची भक्ति की मूल भावना है। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि बताते हुए राज्यपाल ने मंडी, जिसे ‘छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है, की आध्यात्मिक विरासत और प्राचीन मंदिरों की समृद्ध परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला राज्य की लोक संस्कृति, संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का महत्त्वपूर्ण मंच है, जिससे इसकी गौरवशाली परंपराओं का संरक्षण होता है।
मंडी नगर की स्थापना के 500 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्यपाल ने हेरिटेज वॉक, साहित्यिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों जैसी पहलों की सराहना की, जो क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती हैं। उन्होंने इस वर्ष महोत्सव में जोड़े गए नए आयामों की भी प्रशंसा की, जिनमें पंचवक्त्र मंदिर के निकट ब्यास आरती, मंडी के इतिहास को दर्शाने वाले

लेजर शो, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों की भागीदारी, प्रथम ‘छोटी काशी साहित्य महोत्सव’, सरस मेला तथा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने वाली पहलें शामिल हैं। राज्यपाल ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने जलेब की प्राचीन परंपरा को संरक्षित रखने और देवताओं, श्रद्धालुओं एवं वादकों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।

उन्होंने कहा कि 200 से अधिक देवी-देवताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जस्विता प्रदान की। इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल के विद्यार्थियों ने भगवान शिव की महिमा पर आधारित एक आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी।

किसानों को लहसुन एवं मसाला फसलों की व्यावसायिक खेती के गुर बताए गए
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राज्यपाल और लेडी गवर्नर का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सप्ताह भर चले कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने शिवरात्रि महोत्सव का ध्वज मेला समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन को सौंपकर मेले के समापन की औपचारिक घोषणा की।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर, विधायक चंद्रशेखर, अनिल शर्मा, इंद्र सिंह, दीप राज, विनोद कुमार, पूर्ण चंद ठाकुर, दलीप ठाकुर, राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here