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एसएचईपी कार्यक्रम के तहत गोहर में किसानों को बाजार उन्मुख खेती का प्रशिक्षण

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गोहर में एसएचईपी कार्यक्रम के तहत किसानों को बाजार उन्मुख खेती, फसल चयन, लागत-लाभ आकलन और एपीएमसी से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। 100 किसानों ने लिया भाग।

मंडी, 22 जनवरी।

ब्लॉक परियोजना प्रबंधन इकाई गोहर में जाइका कृषि परियोजना के अंतर्गत स्मॉल हॉर्टीकल्चर एम्पावरमेंट एंड प्रमोशन प्रोग्राम (एसएचईपी) के तहत किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को बाजारउन्मुख खेती के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें स्थानीय बाजार और एपीएमसी से जोड़ना रहा।

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कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन, लागत और लाभ का आकलन तथा सही समय पर उपज की बिक्री से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एफआईएस गवाड़, कंसा खड्ड-पलहोटा, सुरथी-थाची तथा गवार से मसवारी क्षेत्रों के लगभग 100 किसानों ने भाग लिया।

एसएमएस डॉ. खूब राम ने कहा कि वर्तमान समय में खेती की सफलता बाजार की समझ से जुड़ी है। उन्होंने किसानों से उगाओ और बेचो की बजाय बेचने के लिए उगाओ की सोच अपनाने का आह्वान किया और कहा कि एसएचईपी कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है।

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ब्लॉक परियोजना प्रबंधक डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जाइका कृषि परियोजना के अंतर्गत एसएचईपी कार्यक्रम किसानों को स्थानीय बाजार और एपीएमसी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधन इकाई गोहर की टीम किसानों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, ताकि किसान बेहतर निर्णय लेकर अपनी आय बढ़ा सकें।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को फील्ड विजिट के माध्यम से फसलों की स्थिति, उत्पादन तकनीकों और बाजार-उन्मुख खेती के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। एपीएमसी भ्रमण के दौरान तौल प्रक्रिया, नीलामी व्यवस्था, गुणवत्ता मानक और विपणन प्रणाली से भी किसानों को अवगत कराया गया।

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कार्यक्रम में एचईओ प्रियंका, एटीएम मुरारी लाल, हार्वेल एक्वा कंपनी के प्रतिनिधि रविंदर कुमार, हाइब्रिड सीड प्लांटेशन की प्रतिनिधि रिया रावत तथा हिल एग्री ऐप के प्रतिनिधि सौरव सैनी ने किसानों को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। अंत में किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा कार्यक्रम की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की गई।

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