Home डेली न्यूज़ स्मार्ट बिजली मीटर के बारे में सही जानकारी प्रदान करने के लिए...

स्मार्ट बिजली मीटर के बारे में सही जानकारी प्रदान करने के लिए बिजली बोर्ड की जागरूकता बैठक

53
0
Smart Bijli Meter Himachal
मंडी में बिजली बोर्ड द्वारा स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित की गई। प्रवक्ता अनुराग पराशर ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर से न तो सब्सिडी प्रभावित होगी और न ही बिजली बिल बढ़ेगा।

मंडी 22 जनवरी।

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड द्वारा आज पब्लिक इंटरेक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता बैठक का आयोजन मण्डी के नगर निगम टाऊन हाल में किया गया।  इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के रूप में नगर निगम के मेयर विरेन्द्र भट्ट सहित डिप्टी मेयर माधुरी कपूर, पार्षद दिपाली जसवाल,  राजेन्द्र मोहन, वीरेन्द्र सिंह आर्य, हरदीप सिंह, निर्मल वर्मा,

Jeevan Ayurveda Clinic

मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र को दी 76.41 करोड़ रुपये की सौगातनव स्तरोन्नत तहसील सुलह का किया शुभारम्भ

कृष्ण भानू, योगराज, सुदेश सेन, नेहा कुमारी, संजय शर्मा, यशकान्त कश्यप, मेम्बर ऑफ सिटिजन काउंसिल तथा सोशल समिति व्यापार मंडल एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप के प्रतिनिधियों सहित मंडी के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। अधिकारियों में आयुक्त नगर निगम मंडी राहित राठौड़,

अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम मंडी विजय धीमान, बिजली बोर्ड के मंडी परिचालन वृत के अधीक्षण अभियन्ता ई0 अरूण शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता ई0 राजेश, सहायक अभियन्ता ई0 सुनील शर्मा, ई0 संजय कुमार, ई0 होशियार सिंह  ने भाग लिया।

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने सबसे पहले अपनी प्रस्तुति में बताया कि राज्य में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने से सब्सिडी यानी 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इससे बिजली के बिलों में कोई बढ़ोतरी होगी।

प्रवक्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर सिर्फ़ बिजली की खपत मापने का एक डिवाइस है, ठीक वैसे ही जैसे पारंपरिक मीटर होता है, और यह किसी भी तरह से टैरिफ दरों या बिलिंग नीतियों को नहीं बदलता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में भ्रामक प्रचार सोशल मीडिया पर सामने आ रहा है जो सही जानकारी की कमी का नतीजा है और तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

प्रवक्ता ने कहा कि पुराने मीटरों में कभी-कभी बिल मासिक आधार पर औसत रीडिंग पर दिए जाते थे, भले ही उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल न कर रहे हों, लेकिन स्मार्ट मीटर में, वास्तविक खपत को वास्तविक उपयोग के आधार पर वेरिफाई किया जा सकता है

और अगर उपभोक्ता बिजली का इस्तेमाल नहीं कर रहा है तो नियमित रूप से कोई औसत बिल नहीं आएगा। स्मार्ट मीटर में खपत का डेटा अपने आप एक सेंट्रल डेटा सेंटर में भेजा जाता है। यह सिस्टम सिर्फ़ बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर ऑनलाइन सेवाएं, सटीक बिलिंग और बेहतर सुविधा देने के लिए शुरू किया जा रहा है।

APEEX AD

यह बदलाव सिर्फ़ डिवाइस बदलने से कहीं ज़्यादा है, यह अनुमानित या मैनुअल बिलिंग से रियल-टाइम डेटा आधारित सिस्टम की ओर एक बदलाव है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को अगर कोई गड़बड़ी लगती है, तो वे अपने मौजूदा मीटर के साथ दूसरा स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति देने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

यह सेटअप उपभोक्ताओं को हर 15 मिनट के अंतराल पर अपनी बिजली की खपत पर नज़र रखने में मदद करता है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो वे अपने संबंधित बिजली उपमंडल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता-अनुकूल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और लोगों से अफवाहों या गलत सूचनाओं पर विश्वास न करने, बल्कि वेरिफाइड और प्रामाणिक जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने सुलह विधानसभा क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा

इसके बाद प्रशन उत्तर सेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने विशेषतया स्मार्ट मीटर से सम्बंधित प्रश्न पूछे, जिसका विषय विशेषज्ञ अनुराग पराशर ने उतर दिए। उन्होंने विद्युत बचत व टेस्ट रिपोर्ट से अधिक विद्युत लोड को बढ़ाने पर वास्तविक लोड दर्शाने के लिये उपभोक्ताओं को आगे आने को भी कहा।

उन्होंने जनता का स्मार्ट विषय में अधिक रूची लेने पर आभार प्रकट किया और मंडी के लोगों का स्मार्ट मीटर लगाने के लगातार अनुरोधों का स्वागत किया। उन्होंने नगर निगम के मेयर और आयुक्त का बैठक में पधारने के लिए धन्यवाद किया। बैठक में सोलर योजना की जानकारी भी दी गई।

ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here