
हिमाचल समय, सोलन, 18 जनवरी ।
एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, सोलन ने एआईसीटीई-अनुमोदित तीन-दिवसीय स्व-वित्तपोषित (फेस-टू-फेस) परिचयात्मक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) ऑन यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज (यूएचवी-1) का सफलतापूर्वक समापन किया। कार्यक्रम में 90 उत्साही प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सोलन में सब्जी फसलों पर सीज़न-लॉन्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दैनिक गतिविधियाँ जारी
इस कार्यक्रम का आयोजन शची सिंह, प्रबंध निदेशक, एलएलआर एजुकेशनल ट्रस्ट के मार्गदर्शन में किया गया था। इसका प्रभावी समन्वयन शिखा बाली, समन्वयक यूएचवी सेल एवं सहायक प्रोफेसर, एलआर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ने किया। साथ ही निम्नलिखित समन्वय टीम ने उनका सहयोग किया:

सूरत सिंह, प्रशासनिक प्रमुख; डॉ. सुरेश चौहान, प्राचार्य, होटल प्रबंधन; निशांत ठाकुर, एचओडी, इंजीनियरिंग विभाग; शिवांगी वर्मा, फार्मेसी विभाग; दीया शर्मा, प्लेसमेंट सेल; नवीन, एचएम विभाग; वीरेंदर सूद, इंजीनियरिंग विभाग; और करिश्मा शर्मा, डिजिटल मार्केटिंग टीम।
सत्रों का नेतृत्व डॉ. प्रिया दर्शनी (संसाधन व्यक्ति) ने किया, जिन्हें डॉ. गरिमा जोशी (सह-सुविधाकर्ता) और शिव कुमार (प्रेक्षक) का समर्थन प्राप्त था। इस एफडीपी के दौरान मूलभूत मानवीय आकांक्षाओं, विश्वास, सम्मान, सामंजस्य, आत्म-अन्वेषण और नैतिक जीवन जैसे प्रमुख विषयों पर इंटरएक्टिव चर्चाओं और चिंतनशील अभ्यासों के माध्यम से विचार-विमर्श किया गया।
शची सिंह, प्रबंध निदेशक, एलएलआर एजुकेशनल ट्रस्ट ने कहा, “हमारे यूएचवी फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को मिले जबरदस्त प्रतिसाद को देखकर मैं रोमांचित हूं। यह पहल समग्र शिक्षा के हमारे विजन के साथ पूर्णतः सामंजस्य रखती है और मेरा मानना है कि इसका हमारे शिक्षकों और छात्रों दोनों पर समान रूप से स्थायी प्रभाव पड़ेगा।”
डॉ. प्रिया दर्शनी, संसाधन व्यक्ति ने कहा, “समर्पित शिक्षकों के लिए यूएचवी कार्यक्रम का सुविधाकरण करना एक समृद्ध अनुभव था। मुझे विश्वास है कि इस कार्यक्रम से मिली सीख भावी पीढ़ियों के मूल्यों और चरित्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
यह पहल शिक्षकों के बीच मानवीय चेतना, नैतिक मूल्यों और मूल्य-आधारित शिक्षा को पोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें युवाओं को प्रभावी ढंग से मार्गदर्शन करने के लिए सशक्त बनाती है।







