
हिमाचल समय, शिमला, 12 दिसम्बर ।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ ‘बाल वाटिका – 3 ग्रेजुएशन सेरेमनी’ का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे विद्यार्थियों को उनके ग्रेजुएशन प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह क्षण उनके जीवन की पहली उपलब्धि और उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम था।
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इस अवसर पर विद्यालय परिसर में हर्ष और गर्व का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुकुल की परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा एवं उपस्थित अभिभावकों ने मिलकर संपन्न किया। दीप प्रज्वलन के इस पावन क्षण ने कार्यक्रम को सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से
भर दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनकी व्यक्तित्व विशेषताओं के आधार पर उपाधियाँ (टाइटल) प्रदान की गईं। अपने बच्चों को मंच पर सम्मानित होते देखकर अभिभावक अत्यंत प्रसन्न और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। वहीं, विद्यार्थियों के चेहरों पर भी आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि—”विद्यार्थियों की यह उपलब्धि केवल उनके प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और गुरुकुल परिवार के सामूहिक सहयोग और समर्पण का प्रतिफल है। यह पहला पड़ाव है, आगे उन्हें जीवन के अनेक नए अवसर और चुनौतियाँ मिलेंगी। गुरुकुल का उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास प्रदान करना है, ताकि वे एक उत्कृष्ट इंसान बन सकें।”
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उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों के समर्पित प्रयासों और अभिभावकों के सतत सहयोग की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी ने गुरुकुल स्कूल द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट प्रयासों की प्रशंसा की।
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