– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष सिरमौरी हाटी संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
– डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा के नेतृत्व में गुजरात में हाटी की नाटी की घूम
अनूप ठाकुर,
01 नवंबर / राजगढ़/ (सिरमौर)।
राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ.जोगिंद्र हाब्बी ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में भारत के लौह पुरुष एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया। समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस समारोह में उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के निदेशक अश्विन महेश दलवी के निर्देशानुसार तथा कार्यक्रम अधिकारी राजेश बक्शी की देखरेख में सिरमौरी के अस्सी कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र की समृद्ध हाटी लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन किया। इस सांस्कृतिक दल का नेतृत्व डॉ. जोगिंद्र हाब्बी और कैलाश शर्मा ने किया। प्रदेश के विख्यात लोक गायक चंद्र मोहन ठाकुर के साथ चमन लाल, डॉ. ईश्वर शर्मा, महिमा नंद सहित अन्य वरिष्ठ सहयोगियों एवं कला विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय एकता दिवस के इस ऐतिहासिक समारोह का प्रमुख आकर्षण देशभर की जनजातीय, लोक एवं शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन रहा। ‘वंदे मातरम्’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और राष्ट्रीय एकता की थीम पर आधारित इस आयोजन में विभिन्न राज्यों की लोक नृत्य शैलियों, पारंपरिक वेशभूषाओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सिरमौरी हाटी संस्कृति के पारंपरिक परिधानों घाघटू, झगटू, ढाठू, लोइया, सूथन, डांगरा, गातरा और टोपी से सुसज्जित कलाकारों ने अपनी मनमोहक नृत्य अदाओं से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सिरमौरी लोक संस्कृति की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
डॉ. हाब्बी ने बताया कि 22 से 30 अक्टूबर तक सांस्कृतिक आयोजन के दौरान पांच हजार कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली सामूहिक सांस्कृतिक कोरियोग्राफीकल नृत्य का पूर्वाभ्यास किया गया। इसके उपरांत 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष लगभग 12 मिनट की भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में देश की विविध लोक एवं जनजातीय नृत्य परंपराओं को आठ बड़े समूहों में संयोजित किया गया था।
आयोजन में देश की 50 से अधिक लोक नृत्य विधाओं और आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियों को शामिल किया गया। गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग तीन हजार तथा देश के अन्य राज्यों से दो हजार कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रदर्शन में भाग लिया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के कलाकारों ने भी ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर आधारित नृत्य नाटिका प्रदर्शित की। वन्दे मातरम् गीत पर नृत्य की कोरियोग्राफी संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्षा डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा बहुत ही सुंदर व मनमोहक ढंग से की गई।
डॉ. जोगिंद्र हाब्बी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस गौरवशाली आयोजन में सिरमौरी हाटी जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना पूरे सिरमौर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस मंच के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली।
राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन गुजरात सरकार, युवा सेवा एवं खेल विभाग, गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों, संगीत नाटक अकादमी तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।








