भावना ठाकुर,
21 अक्टूबर / सोलन।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में 20 अक्टूबर को दशहरे का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास, पारंपरिक उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को समर्पित इस आयोजन के लिए विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पूरे विद्यालय में उत्सव का उल्लासपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय के छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक झाँकियाँ रहीं। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम एवं रावण के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाते हुए रामायण के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इसके पश्चात भगवान श्रीराम के स्वरूप में रावण के पुतले का दहन किया गया। यह दृश्य बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बना। रामलीला की प्रस्तुति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
इस शुभ अवसर पर विद्यालय की प्रबंधन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की तथा भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं त्योहारों को विशेष महत्त्व दिया जाता है। विद्यालय में समय-समय पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, सदाचार, सत्यनिष्ठा तथा परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कारों एवं सांस्कृतिक मूल्यों का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर विद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2027–28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई। अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के इच्छुक अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं एवं प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी गई। दशहरे के शुभ अवसर पर प्रवेश शुल्क पर 50 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की गई थी, जो केवल 20 अक्टूबर 2026, दशहरे के दिन के लिए ही मान्य थी।
इस प्रकार, दशहरे का पर्व पारंपरिक उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने के साथ-साथ जीवन में सत्य, सदाचार एवं अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।






