भूपेंद्र ठाकुर,
01 अक्तूबर / शिमला।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां अंतर-मंत्रालय केन्द्रीय दल ने भेंट की। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में अंतर मंत्रालय के इस दल ने सितम्बर माह में प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बरसात के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव नजर आने लगे हैं। उन्होंने प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं के वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा आपदा राहत राशि जारी किए जाने वाले मापदंडों में बदलाव किया जाना चाहिए क्योंकि पर्वतीय राज्यों की परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से भिन्न हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का उतरी भारत के पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित रखने तथा स्वच्छ वायु प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने राजमार्गों के विकास के दौरान सुरंगों के अधिक से अधिक निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.के. पंत, जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि विभाग एवं कृषक कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा, ग्रामीण विभाग मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन पुष्पेंद्र राणा, अंतर मंत्रालय केन्द्रीय दल के अन्य सदस्य और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








