भावना ठाकुर,
27 सितंबर / कुनिहार (सोलन)।
गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, कुनिहार में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), पंचकूला के तत्वावधान में 27 सितंबर, 2026 को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण पर केंद्रित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (Capacity Building Programme) आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “Promoting Mental Health and Wellness Among Students” रहा।
कार्यशाला में अंजू बाला कटवाल तथा नमृता जेम्स ने रिसोर्स पर्सन के रूप में सहभागिता की। अपने विशेष मार्गदर्शन और व्यावहारिक सुझावों से उन्होंने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रभावी और उपयोगी बनाया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन को ज्ञान, सकारात्मकता और नई ऊर्जा के प्रकाश का प्रतीक मानते हुए कार्यक्रम के सफल एवं सार्थक आयोजन की मंगलकामना की गई।
कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सन ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। प्रतिभागी शिक्षकों से अनेक रोचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ भी करवाई गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने, तनाव के संकेतों को पहचानने तथा विद्यालय में सकारात्मक, सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
विद्यालय प्रधानाचार्या अल्का भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ व्यक्तिगत एवं सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है। शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उन्हें सुरक्षित, सहज और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए रिसोर्स पर्सन अंजू बाला कटवाल एवं नमृता जेम्स का उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए हार्दिक धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागी शिक्षकों के प्रति भी धन्यवाद प्रकट करते हुए उनके सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की सराहना की। इस अवसर पर प्रधानाचार्या द्वारा उन्हें फ्लावर पॉट भेंट कर सम्मानित किया गया।
विद्यालय निदेशक समीर गर्ग एवं अदिति गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने ऐसे क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों को शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता को समृद्ध करने तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में प्रतिभागी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनात्मक जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और उनका सहयोग करने के लिए नई में दृष्टि एवं उपयोगी रणनीतियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव के साथ हुआ।








