Home क्राइम शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन: NDPS मामले में 1.64 करोड़ की संपत्ति...

शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन: NDPS मामले में 1.64 करोड़ की संपत्ति सीज, तस्कर के आर्थिक नेटवर्क पर वार

3
0

भूपेंद्र ठाकुर,

08 सितंबर / शिमला।

Jeevan Ayurveda Clinic

शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के मामले में अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए एक आरोपी और उसके सहयोगियों की ₹1.64 करोड़ से अधिक की संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज कर दिया है। यह कार्रवाई न केवल तस्कर की गिरफ्तारी तक सीमित रही, बल्कि उसके अवैध धन से खरीदी गई संपत्तियों तक पहुंची, जो पुलिस की नई रणनीति का हिस्सा है।

यह मामला थाना ठियोग में दर्ज एफआईआर नं. 77/2026 से जुड़ा है। 10 जून 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ठियोग के रहीघाट स्थित नाई की दुकान पर छापा मारा, जहां से आरोपी सोहन लाल उर्फ हैपी के कब्जे से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले काफी समय से ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के इलाकों में अफीम की आपूर्ति कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन शुरू किया, जिसमें आरोपी और उसके करीबी सहयोगियों की आय, बैंक लेनदेन और संपत्तियों की गहन छानबीन की गई।

वित्तीय जांच में आरोपी से जुड़ी कुल 1.64 करोड़ रुपये की संपत्तियां सामने आईं, जिनमें एक आवासीय भूमि प्लॉट, एक कृषि भूखंड, दो मंजिला दुकान, एक वाहन और विभिन्न बैंक व डाकघर खातों में जमा राशि शामिल हैं। गौरतलब है कि आरोपी के पास नाई की एक छोटी सी दुकान है और वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है, लेकिन उसकी आय और संपत्तियों में भारी असंगतता पाई गई, जिसके आधार पर ये सभी संपत्तियां प्रथम दृष्टया अवैध तस्करी से अर्जित मानी गईं और उन्हें सीज कर दिया गया।

शिमला पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि साल 2026 में अब तक 12 एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच करते हुए 8 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं, जबकि वर्ष 2025 और 2024 के दौरान NDPS मामलों में कोई भी वित्तीय जांच नहीं की गई थी और न ही कोई संपत्ति सीज की गई थी।

पुलिस ने साफ किया है कि अब कार्रवाई सिर्फ नशे की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के जरिए नशे के कारोबार से जुड़ी अवैध संपत्तियों को भी निशाना बनाया जाएगा। यह कदम नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here