भावना ठाकुर,
02 सितंबर / कुनिहार (सोलन)।
गुरुकुल इंटरनेशनल विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर कृष्णमय हो उठा। विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी शिक्षाओं एवं जन्माष्टमी के महत्व को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण जन्म, कृष्ण की बाल लीलाओं, मनमोहक नृत्य एवं रासलीला की शानदार प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया।

प्री-प्राइमरी कक्षाओं के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से श्रीकृष्ण पर आधारित मनोरंजक मूवी का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए विद्यालय में टिकट काउंटर भी बनाया गया, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक टिकट लेकर मूवी का आनंद लिया। इस दौरान बच्चों ने पॉपकॉर्न का भी लुत्फ उठाया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अलका भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने, सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी शिक्षा यही है कि हमें परिणाम की चिंता किए बिना अपने कर्म को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
विद्यालय के निदेशक श्री समीर गर्ग एवं श्रीमती आदिति गर्ग जी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएंँ देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, ज्ञान, कर्म और सकारात्मक सोच का अद्भुत संदेश देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेकर अपने भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, करुणा और नेतृत्व के गुण विकसित करें तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ
दीं। पूरे परिसर में “जय श्री कृष्ण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी उत्सव को यादगार बना दिया।








