भूपेंद्र ठाकुर,
29 अगस्त / शिमला।
शिमला पुलिस ने नशे के संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन तस्करों के कब्जे से 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन समेत कुल 24.10 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक तस्कर अबू धाबी भागने की फिराक में था, जिसे अहमदाबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले मामले में स्पेशल सेल, जिला शिमला ने 3 अगस्त 2026 को शोघी के निकट आरोपी विजय कुमार को 1.120 किलोग्राम हाई ग्रेड हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि यह हेरोइन उसे शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान, निवासी तरनतारन, पंजाब ने उपलब्ध करवाई थी, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच में इस नेटवर्क की एक और कड़ी आजाद सिंह, निवासी नारायणगढ़, अंबाला, हरियाणा सामने आई। पुलिस जब आजाद सिंह की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर पहुंची तो वह पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद फरार हो चुका था। जांच में पता चला कि आरोपी देश छोड़कर अबू धाबी भागने की योजना बना रहा था और उसने पासपोर्ट व टूरिस्ट वीजा भी बनवा लिया था। तकनीकी निगरानी के आधार पर स्पेशल सेल ने उसकी लोकेशन अहमदाबाद, गुजरात में ट्रेस की और गुजरात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर अबू धाबी भागते समय गिरफ्तार कर लिया। उसे अहमदाबाद कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया और फिर शिमला लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी आपस में संपर्क के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी गतिविधियां जांच एजेंसियों की नजर से बची रहें। शुभकरमन सिंह द्वारा उपलब्ध कराई गई हेरोइन की खेप को नेटवर्क के विभिन्न सदस्यों के जरिए आगे पहुंचाया जाना था। यह खेप शुभकरमन से आजाद के माध्यम से विजय तक पहुंचाई गई और विजय कुमार यह खेप लेकर शिमला पहुंचा, जहां स्पेशल सेल ने उसे इंटरसेप्ट कर बरामद किया। इस मामले में अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी विजय कुमार और आजाद सिंह का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है—विजय के खिलाफ अंबाला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है, जबकि आजाद सिंह पर 2023 में महिला थाना नारायणगढ़ में 376 आईपीसी का मामला दर्ज है।
दूसरे मामले में पुलिस थाना जुब्बल ने एक अंतर्राज्यीय चिट्टा सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य सप्लायर सन्नी सिंह को अंबाला से गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क के तार हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा तक जुड़े पाए गए हैं। मामले की शुरुआत 15 जुलाई 2026 को पुलिस थाना जुब्बल में दर्ज अभियोग से हुई, जिसमें आरोपी रविन्द्र कुमार, निवासी घुमारवीं, बिलासपुर के कब्जे से 9.57 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान रविन्द्र ने खुलासा किया कि उसने चिट्टा सन्नी सिंह से जीरकपुर में प्राप्त किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि नेटवर्क में चिट्टे की डिलीवरी के लिए लोकेशन-बेस्ड डिलीवरी मॉड्यूल अपनाया जा रहा था, जिसके तहत चिट्टे की खेपों को एनएच-705 पर विभिन्न स्थानों पर छिपाया जाता था और इन स्थानों की जानकारी व्हाट्सएप के जरिए मुख्य सप्लायर को साझा की जाती थी। आरोपी की निशानदेही पर 13 स्थानों की जांच की गई, जिनमें से तीन स्थानों से कुल 14.53 ग्राम चिट्टा और बरामद हुआ। इस प्रकार इस मामले में अब तक कुल 24.10 ग्राम चिट्टा बरामद हो चुका है।
सन्नी सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है—उसके खिलाफ पंचकूला, अबोहर, फाजिल्का, ठियोग और जुब्बल में चिट्टे से संबंधित कुल 7 मामले दर्ज हैं। पंचकूला में दर्ज एक मामले में उसके कब्जे से 304 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके अलावा रविन्द्र कुमार को एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उसके द्वारा मोहित कुमार को चिट्टा सप्लाई किए जाने का खुलासा हुआ है।

तीसरे मामले में पुलिस थाना सदर शिमला ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी करण, निवासी अमृतसर, पंजाब को गिरफ्तार किया है। यह मामला 25 दिसंबर 2025 को दर्ज अभियोग से संबंधित है, जिसमें आरोपी अंकुश उर्फ सुदामा के कब्जे से 6.360 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पूछताछ में अंकुश ने चिट्टा सागर से प्राप्त करना बताया, जिसके बाद अंकुश, प्रवीण चौहान उर्फ बाबी और सागर को गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच के दौरान सागर के बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि सागर ने करण के एचडीएफसी बैंक खाते में तीन लाख रुपये भेजे थे। इस वित्तीय लिंक के आधार पर करण इस नेटवर्क का मुख्य सरगना पाया गया। करण लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था, लेकिन पुलिस ने निरंतर प्रयासों के बाद उसे 25 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के नेटवर्क को मात्र बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए उसके वित्तीय नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर पूरे नेटवर्क को चिन्हित एवं ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।








