भूपेंद्र ठाकुर,
08 अगस्त / शिमला।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा अलर्ट के अनुसार 10 और 11 अगस्त को मध्य पहाड़ियों और उनसे सटे निचले पहाड़ी या मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत संभावना है। आठ अगस्त के लिए कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिले के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि नौ अगस्त को ऊना, कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में भी कुछ स्थानों पर येलो अलर्ट रहेगा। दस अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी में ऑरेंज अलर्ट होगा, वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला, सोलन और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी है। इसी तरह ग्यारह अगस्त को चंबा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट है। बारह और तेरह अगस्त को भी कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट बना रहेगा।

सुरक्षा सलाह : पर्यटक और स्थानीय लोग रखें विशेष सावधानी
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह है कि भूस्खलन, कीचड़ धंसने या अचानक बाढ़ वाले इलाकों में जाने से बचें, उन स्थानों पर न जाएँ जहाँ अक्सर जलभराव की समस्या होती है, सभी नदियों, धाराओं और नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, गति सीमा और यातायात से जुड़ी सलाहों का पालन करें, मौसम संबंधी अलर्ट और सलाह की जानकारी हर समय रखें और राज्य सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड : धर्मशाला में सबसे अधिक 79 मिमी वर्षा
पिछले 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में 79.0 मिलीमीटर, जोगिंद्रनगर में 76.0, मंडी में 63.4, कंडाघाट सोलन में 63.2, जटौन बैराज पर 62.0, मंडी एडब्ल्यूएस में 61.4, शिमला में 54.6, सुंदरनगर में 22.7, नाहन में 28.6, पालमपुर में 37.0, मनाली में 47.0, कुफरी में 40.0, कसौली में 28.0, सराहन में 40.7, मशोबरा में 34.0 और बजौरा में 28.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मानसून का कहर : 162 सड़कें ठप, 143 लोगों की मौत, 83 करोड़ से अधिक का नुकसान
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण शुक्रवार शाम छह बजे तक राज्य में 162 सड़कें ठप रहीं, इसके अलावा 105 बिजली ट्रांसफार्मर और 73 जल आपूर्ति योजनाएँ भी प्रभावित हुई हैं। राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 7 अगस्त तक 143 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है और 226 लोग घायल हुए हैं। 197 पालतू पशुओं का नुकसान हुआ है और अब तक कुल 83,467.45 लाख रुपये यानी करीब 83.47 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। 22 पक्के और 41 कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि 242 कच्चे और पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुँची है और 203 गोशालाएँ भी तबाह हो गई हैं।








