भावना ठाकुर,
09 जुलाई / सोलन।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन में शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी समन्वय देखने को मिला। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण, प्रभावी अभिव्यक्ति तथा तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विविध शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। विद्यार्थियों की ऊर्जा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्साह एवं सकारात्मकता से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बाल वाटिका से कक्षा 2 तक के नन्हे विद्यार्थियों द्वारा “एक पेड़ विद्यालय के नाम” गतिविधि के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण अभियान से हुआ। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह और आनंद के साथ पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपने प्रेम एवं जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक पौधा भविष्य की स्वच्छ हवा, हरियाली और जीवन का आधार है। बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। विद्यालय परिसर में बच्चों के कोमल हाथों से रोपे गए पौधे आने वाले हरित और समृद्ध भविष्य के प्रतीक बने।
इसके पश्चात कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों के लिए ‘बढ़ेंगे पेड़, बढ़ेगी समृद्धि’ विषय पर भाषण (Elocution) प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यालय के चारों सदनों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—के प्रतिभागियों ने ओजस्वी वाणी, प्रभावशाली प्रस्तुति तथा सारगर्भित विचारों के माध्यम से वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास का सशक्त संदेश दिया। प्रत्येक प्रतिभागी की प्रस्तुति ने यह सिद्ध किया कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
इसी क्रम में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का विषय था—”क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने पारंपरिक आदर्श व्यक्तित्वों का स्थान ले लिया है?” प्रतिभागियों ने पक्ष एवं विपक्ष में तथ्यपूर्ण, तार्किक एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास एवं सूझबूझ के साथ उत्तर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों के प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के तर्कों पर सार्थक प्रश्न उठाकर अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता, विषय की गहन समझ तथा उत्कृष्ट वाक्-कौशल का परिचय दिया। विद्यार्थियों का ज्ञान, आत्मविश्वास एवं तार्किक सोच पूरे सभागार के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या महोदया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आज लगाया गया एक पौधा केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। प्रकृति हमारा सबसे बड़ा शिक्षक है और उसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य है। आप सभी विद्यार्थी अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधे की जिम्मेदारी अवश्य लें और उसे एक विशाल वृक्ष बनने तक स्नेह एवं संरक्षण दें। जिस प्रकार ज्ञान का प्रकाश समाज को दिशा देता है, उसी प्रकार एक वृक्ष संपूर्ण सृष्टि को जीवन प्रदान करता है। आइए, हम सब मिलकर हरित, स्वच्छ और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।”
कार्यक्रम का सफल आयोजन विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन एवं विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। समापन पर सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने “एक विद्यार्थी–एक पौधा, एक संकल्प–हरित भविष्य” का संकल्प दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का संदेश दिया।








