Home ट्रेंडिंग केवल सिंह पठानिया ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से भेंट की

केवल सिंह पठानिया ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से भेंट की

3
0

भूपेंद्र ठाकुर,

08 जुलाई / शिमला।

Jeevan Ayurveda Clinic

उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक बी. मणिकम टैगोर से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने विश्वास व्यक्त किया कि बी. मणिकम टैगोर के नेतृत्व में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और अधिक सशक्त होगी तथा संगठन को नई दिशा एवं ऊर्जा प्राप्त होगी।


केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनहितैषी शासन व्यवस्था के माध्यम से समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है तथा कांगड़ा जिला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा के देहरा उप-मण्डल के बनखंडी में 619 करोड़ रुपये से दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान बनाने सहित कांगड़ा हवाई अड्डे का तजी से विस्तार किया जा रहा है।
उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि एक ऐतिहासिक कदम के तहत प्रदेश सरकार द्वारा गाय तथा भैंस के दूध की खरीद एवं प्राकृतिक खेती से उगाए गए चयनित उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है और ऐसा करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों से की गई सभी 10 गारंटियों को पूरा किया है।


उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों और महिलाओं को सहारा प्रदान करने के उद्देश्य से महत्त्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरम्भ की गई है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने विशेष देख-रेख की आवश्यकता वाले अनाथ बच्चों, विशेष रूप से सक्षम, निराश्रित महिलाओं और बेसहारा वृद्धजनों को सुख-आश्रय प्रदान करने की पहल की है और इनके लिए कानून बनाने वाला पहला राज्य बना है। योजना के तहत प्रदेश सरकार ने निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here