भूपेंद्र ठाकुर,
07 जून / शिमला।
शिमला पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना बालूगंज की टीम ने त्वरित अन्वेषण एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि दिनांक 22 मई 2026 को बालूगंज पुलिस ने चार आरोपियों के कब्जे से 30.35 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। ये आरोपी पंजाब के मोगा और भठिंडा जिलों के रहने वाले थे:
- गुरप्रीत सिंह (पुत्र अमरजीत सिंह, गांव सुखानंद, मोगा), उम्र 28
- संदीप (पुत्र सुखपाल सिंह, गांव तुंगवाली, भठिंडा), उम्र 32
- लखवीर सिंह उर्फ गग्गू (पुत्र परमजीत सिंह, गांव समालसर, मोगा), उम्र 25
- केवल सिंह उर्फ गगन (पुत्र हंसराज सिंह, गांव समालसर, मोगा), उम्र 25
अन्वेषण के दौरान पुलिस ने आरोपियों से गहन पूछताछ की तथा उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट्स और बैंक खातों के लेन-देन की बारीकी से जांच की। यह पता चला कि ये सभी चंडीगढ़ निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी के साथ मिलकर लंबे समय से चिट्टे की तस्करी कर रहे थे। जस्सी इन्हें बिक्री पर कमीशन देता था, हालाँकि अधिकांश लेन-देन नकद था, फिर भी संदीप और जस्सी के बीच बैंक लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं।
इसी के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिनांक 2 जून 2026 को जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी (पुत्र अवतार सिंह, गांव हरियाना, जिला होशियारपुर, पंजाब, उम्र 36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

यह और भी अहम है कि जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी के खिलाफ पहले से ही NDPS एक्ट के तहत दो अभियोग दर्ज हैं:
- अभियोग संख्या 179/24 (दिनांक 16.10.2024), धारा 21, 29 NDPS, थाना पश्चिम शिमला, हिमाचल प्रदेश (बरामदगी: 13.55 ग्राम चिट्टा)
- अभियोग संख्या 140/21 (धारा 22, 29 NDPS), थाना हरियाना, जिला होशियारपुर, पंजाब (बरामदगी: ब्यूप्रेनोर्फिन की 7 स्ट्रिप्स)
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में अन्य तस्करों और पूरे नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है। मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिमला पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ जंग में एक अहम कदम मानी जा रही है।








