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हिमाचल के फलों की मिठास बनी ओमान की पहली पसंद

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– हिमाचल प्रदेश से पहली बार ताजी चेरी और प्लम की खेप ओमान पहुंची
– यह ऐतिहासिक उपलब्धि किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोलेगीः मुख्यमंत्री

भूपेंद्र ठाकुर,

02 जुलाई / शिमला।

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हिमाचल प्रदेश से पहली बार ताजी चेरी और प्लम की निर्यात खेप सफलतापूर्वक ओमान पहुंच गई है। यह प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे हिमाचल के फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी और बागवानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।


हाल ही में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने 400 किलोग्राम ताजी चेरी तथा 400 किलोग्राम ताजे प्लम की पहली खेप को रवाना किया था। ओमान पहुंचने पर मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने प्रचार अभियान को शुरू किया तथा फलों को ओमान के विभिन्न खुदरा स्टोर में आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। यहां लोगों ने हिमाचल प्रदेश के फलों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाद की सराहना की और उपभोक्ताओं से उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं मिल रही है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी मार्गदर्शन में संभव हुई है। सरकार बागवानी क्षेत्र को विस्तार प्रदान करने तथा राज्य के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने को सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। बागवानी विभाग ने निर्यात प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न करवाने में सक्रियता से कार्य किया ताकि बागवानों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माध्यम से बेहतर एवं लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सके।


कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, निर्यातकों, एचपीएमसी, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों तथा विभिन्न साझेदारों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्यात प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी के संयुक्त प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा फाइटोसैनिटरी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश से चेरी और प्लम के सफल निर्यात पर बागवानी विभाग तथा राज्य के बागवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बागवानों और विभाग की मेहनत तथा समर्पण के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक रूप से समृद्ध एवं उच्च गुणवत्ता वाले फलों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खुल रहे हैं।

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