भूपेंद्र ठाकुर,
20 मई / शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज (सप्लाई चेन को उल्टा ट्रेस करते हुए) स्थापित कर दो अलग-अलग राज्यों से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है।
पहला मामला: रोहड़ू में नाइट्राज़ेपम की बरामदगी
रोहड़ू थाना में मुकदमा संख्या 37/26 (धारा 22, 29 एनडीपीएस एक्ट) दर्ज किया गया था। 3 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने दो आरोपियों से 19 पैकेट (कुल 190 प्रतिबंधित गोलियां) नाइट्राज़ेपम टैबलेट बरामद की थीं:
- सिद्वान्त खागटा (27 वर्ष), निवासी रोहड़ू, शिमला
- गौरव कुमार (35 वर्ष), निवासी बिलासपुर
तकनीकी जांच, व्हाट्सएप चैट, CDR डेटा और वित्तीय लेनदेन के आधार पर पुलिस ने सप्लाई सोर्स का पता लगाया। यह प्रतिबंधित दवा उत्तर प्रदेश के लखनऊ से कूरियर के जरिए भेजी गई थी।
पुलिस ने अहमर ब्रिजास (32 वर्ष), निवासी लखनऊ को 17 मई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लखनऊ में केमिस्ट शॉप चलाता था और बिना डॉक्टर की पर्ची के ये प्रतिबंधित दवाएं सप्लाई करता था। उसके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
दूसरा मामला: शिमला सदर में हेरोइन की बरामदगी
9 मई 2026 को सदर थाना में मुकदमा संख्या 49/2026 (धारा 21, 29 एनडीपीएस एक्ट) दर्ज हुआ। पुलिस ने दो पंजाब के युवकों से लगभग 10.300 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की:
· निशान सिंह (26) व गुरप्रीत सिंह (23), निवासी फिरोजपुर व कपूरथला (पंजाब)
डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेनदेन के विश्लेषण से इस खेप का सप्लायर आकाशदीप उर्फ आकाश (22), निवासी मेघा पंजगरेन, जिला फिरोजपुर (भारत-पाकिस्तान सीमा) निकला। 19 मई 2026 को पुलिस ने फाजिलका, पंजाब में उसे दबोच लिया।

बड़ी उपलब्धि: 39 गिरफ्तारियां और 30 नेटवर्क ध्वस्त
शिमला पुलिस की इस मुहिम के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ वर्ष 2026 में ही बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 गुना अधिक है। यह दर्शाता है कि पुलिस अब छोटे पेडलर्स तक सीमित न रहकर मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बना रही है।
इसके अलावा, इसी अवधि में कुल 30 अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए, जबकि पिछले साल यह कार्रवाई लगभग नगण्य थी।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह कठोर अभियान जारी रहेगा और सप्लाई चेन के हर कड़ी को ऊपर तक बेनकाब किया जाएगा।






