–कुनिहार क्षेत्र की महिला शक्ति ने खोला प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा
-राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज किए जाने का किया जमकर विरोध
निजी संवादाता,
कुनिहार, 2 अप्रैल।
प्रदेश सरकार द्वारा राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को सीबीएसई का दर्जा दिए जाने के साथ साथ उक्त विद्यालय को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज किए जाने को लेकर अब कुनिहार क्षेत्र की महिला शक्ति ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसको लेकर क्षेत्र की महिलाओं ने स्थानीय बाजार से होते हुवे मुख्यमार्ग से रैली निकालते हुवे प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओ ने प्रदेश मुख्यमंत्री को चेताया कि यदि सरकार ने उक्त निर्णय को तुरंत प्रभाव से निरस्त नहीं किया तो आने वाले समय में सरकार को भारी जन आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
अधिकतर महिलाओं ने कहा कि राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार को सीबीएसई का दर्जा दिए जाने के साथ साथ उक्त विद्यालय को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऊंचा गांव में मर्ज कर दिया गया । सरकार के इस निर्णय का सीधा असर अब एच. बी. बोर्ड में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहालों पर पड़ेगा। अभिभावकों को अब कक्षा प्रथम से आठवीं तक के छोटे छोटे बच्चों को यातायात से व्यस्त मुख्य मार्ग से ऊंचा गांव छोड़ना और लाना पड़ेगा। अधिकतर महिलाओं ने कहा कि सरकार के इस निर्णय की वजह से स्कूली बच्चों के साथ साथ अभिभावकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
महिलाओ में गोमती देवी, कौशल्या कंवर, पुष्पा, मोनिका, अंजली, प्रभा, उमा, शिला, मीना, सुषमा, तृप्ता देवी आदि महिलाओं ने कहा कि हमें सीबीएसई स्कूल नहीं अपने नौनिहालों को एच. पी. बोर्ड में ही शिक्षा ग्रहण करवानी है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूल हो जाने के कारण गांव कोठी, कंडला, कामला, पुलहाड़ा आदि गांव के छोटे छोटे बच्चों को कुनिहार स्कूल से करीब एक किलो मीटर दूर ऊंचा गांव छोड़ना और लाना पड़ेगा । जिससे अभिभावकों के साथ साथ बच्चों को को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एच. पी. बोर्ड बोर्ड में शिक्षा ग्रहण करने वाले स्कूली बच्चों पर एकएक सीबीएसई स्लैब्स थोप दिया और स्कूलों तक को एक दूसरे से मर्ज कर दिए। उन्होंने कहा कि एच. पी. बोर्ड में कुछ कमजोर बच्चे बड़ी मुश्किल से उत्तीर्ण होकर अगली कक्षा तक पहुंच पाते हैं। उन्हें भी इस बात की चिंता सताने लगी है कि अब सीबीएसई का स्लैब्स कैसे क्लियर कर पाएंगें । उन्होंने चेताया कि सरकार शीघ्र उक्त निर्णय पर गहनता से विचार करे अन्यथा आने वाले समय में पुरजोर विरोध होगा।







