Home डेली न्यूज़ ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती से क्षेत्र में मिसाल बने जुकैण के...

ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती से क्षेत्र में मिसाल बने जुकैण के प्रेम चन्द*

37
0

मंडी, 28 दिसम्बर ।

कृषि बागवानी को प्रोत्साहन देने के प्रदेश सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं। जिला मंडी के सरकाघाट उपमण्डल के ठौर गाँव ग्राम पंचायत जुकैण निवासी प्रेमचंद ने पारंपरिक खेती से हटकर ड्रैगन फ्रूट की सफल खेती कर क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई मिसाल कायम की है।

Jeevan Ayurveda Clinic

सरकार के स्नेह के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए जीवन में आगे बढ़ रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’

हिमाचल प्रदेश उद्यान विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से प्रेमचन्द ने वर्ष 2024 में अपनी अढ़ाई बीघा भूमि पर जम्बो रेड किस्म के ड्रैगन फ्रूट के 800 पौधे लगाए। पहले ही सीजन में वर्ष 2025 के दौरान

उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले और प्रारंभिक फसल से लगभग 50 हजार रुपये की आय अर्जित हुई। वर्तमान में वे अब तक करीब 2 क्विंटल ड्रैगन फ्रूट 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच चुके हैं।

प्रेम चन्द बताते हैं कि इससे पहले वे पारंपरिक खेती करते थेजिसमें मेहनत के अनुपात में अधिक लाभ नहीं हो पाता था। इसी दौरान उद्यान विभाग ने उन्हें ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने अपनी भूमि का समुचित सुधार करवायाखेत समतल किए तथा रेज्ड बेड तैयार कर महाराष्ट्र से लाए गए 800 ड्रैगन फ्रूट के

पौधों का रोपण किया। पौधों को सहारा देने के लिए ट्रालिस तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। भविष्य में इस खेती के विस्तार की योजना है। ड्रैगन फ्रूट को सुपर फ्रूट’ कहा जाता हैलेकिन इसके स्वाद और औषधीय गुणों के प्रति अभी भी आम लोगों में पर्याप्त जागरूकता नहीं है। वे स्वयं इसके स्वास्थ्य लाभ के प्रति लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट बिना फ्रिज के भी लगभग दो महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है। प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता देते हुए प्रेम चन्द किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक अथवा कीटनाशक का प्रयोग नहीं करते।

उनके खेतों में ड्रैगन फ्रूट के साथ-साथ सीताफल और पपीता जैसे अन्य फलदार पौधे भी लहलहा रहे हैं। उनका बेटा अर्जुन शर्मा भी इस खेती कार्य में सक्रिय सहयोग कर रहा है।

उद्यान विभाग की ओर से मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर योजना (एमआईडीएच)

के अंतर्गत 2.5 बीघा भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उन्हें कुल 62 हजार रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की गई है। पहली किस्त के रूप में 38 हजार रुपये उनके खाते में जमा हो चुके हैं। 

साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उन्हें ड्रिप सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई। इस पर कुल 25 हजार रुपये का खर्च आयाजिसमें से 80 प्रतिशत अर्थात 20 हजार रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की गई। प्रेम चन्द ने अपनी कृषि में सफलता के लिए बागवानी विभाग व प्रदेश सरकार का आभार जताया।

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए 3.37 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर का उपदान

विषयवाद विशेषज्ञसरकाघाट डॉ. अनिल ठाकुर ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को कम समय में बेहतर उत्पादन और अच्छा बाजार मूल्य प्राप्त हो रहा है। यह कैक्टस प्रजाति की फसल हैजो 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैइसलिए जिले के गर्म क्षेत्रों में इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।

क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 3 लाख 37 हजार 500 रुपये तक का उपदान दो किस्तों में प्रदान किया जाता है। पहली किस्त 60 प्रतिशत होती है। विभाग द्वारा ड्रिप इरिगेशनस्प्रिंकलर और रेनगन जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर भी अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है।

वृत लोहारा में किशोरी मेला आयोजित, छात्राओं को स्वास्थ्य, कानून और नशा मुक्ति पर किया जागरूक

उद्यान विकास अधिकारी डॉ. विपिन ने बताया कि सरकाघाट क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों के लिए आय का एक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प बनकर उभर रही है। प्रेम चन्द जैसे प्रगतिशील किसानों ने यह दर्शाया है कि विभागीय योजनाओंतकनीकी मार्गदर्शन और प्राकृतिक खेती के माध्यम से कम भूमि में भी बेहतर आमदनी प्राप्त की जा सकती है।

ताज़ा खबरों के लिए जोड़े www.himachalsamay.com

bhushan ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here