मंडी, 12 दिसंबर।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज मंडी शहर के लिए ऊहल नदी से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना के तहत सकोर गांव के समीप पाइप लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को इस मुख्य पाइप लाइन के स्थिरीकरण के लिए स्थायी समाधान करने तथा शहर के लोगों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए
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आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उहल नदी से मंडी शहर की मुख्य पेयजल योजना के तहत हाल की जल त्रासदी में पहाड़ दरकने से 28 कि.मी लाइन कई जगह बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही थी।
इसके समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी की विशेषज्ञ टीम से निरीक्षण करवाया गया और उनके सुझावों पर लाइन का री-अलाइनमेंट कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन वाले हिस्से को
बाइपास करते हुए 450 मि.मी. की 970 मीटर नई ग्रैविटी मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी और बार-बार की मरम्मत लागत घटेगी, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था और मजबूत बनेगी।
जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने उप-मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि इस बार की बरसात में सकोर गांव के पास भारी भूस्खलन से यह मुख्य पाइप लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त होती रही है। यहां लगभग 300 मीटर के क्षेत्र में पहाड़ी से भूस्खलन के कारण सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है जिससे मुख्य पाइप लाइन को स्थिर रखना
चुनौतीपूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस लाइन के बाइपास करने के लिए 450 मिली मीटर व्यास की पाइप लाइन बिछाना प्रस्तावित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 970 मीटर है। रियागड़ी से लेकर मंडी तक इस योजना के तहत 16 एमएलडी पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जाती है।
उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सबसे बेहतर उपाय करने पर बल देते हुए कहा कि यह योजना मंडी शहर की लगभग 50 हजार से अधिक की आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है।
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विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें कि लोगों को निर्बाध पानी की आपूर्ति हर मौसम में जारी रखी जाए। इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र वैद्य ने प्रस्तावित कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। मिल्क फैडरेशन के पूर्व अध्यक्ष चेतराम ठाकुर, एसडीएम रूपिंद्र कौर सहित जल शक्ति विभाग के उच्चाधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे।
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